G-20 Summit में पीएम मोदी ने पारंपरिक उपचार के उपायों पर जोर दिया आतंकवाद से निपटने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अपनी बात रखी
टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के ओसाका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन मे भाग लेने के बाद शनिवार को देर शाम करीब 8 बजे नई दिल्ली पहुंच गए। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया।
इससे पहले शनिवार को जी-20 सम्मेलन के तीसरे सत्र में अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत के पारंपरिक उपचार के उपायों और योग के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की तरह हमने भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए प्रयास किए हैं। इस का ताजा उदाहरण आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना है। जो पांच लाख का हेल्थ कवर गरीबों को मुहैया करा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हमें और प्रयास करने की जरूरत है। ये आपदाएं हमेशा गरीबों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। पीएम मोदी ने सम्मेलन में डिजिटल इंडिया पर खास जोर देकर कहा कि देश के लोग ज्यादा से ज्यादा मोबाइल तकनीक का इस्तेमाल कर रहेे हैं, लेकिन अभी भी इसके विस्तार की आवश्यकता है।
इसके साथ पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन में उन्होंने विश्व के कई मुद्दों को सामने रखा इसके बाद शनिवार को वह भारत के लिए रवाना हुए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर जापान के ओसाका में हो रहे जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। यहां पर उन्होंने कई बड़े नेताओं से मुलाकात की।
शनिवार को उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी बेटी व वाइट हाउस की सलाहकार इवांका ट्रंप के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
मॉरिसन ने पीएम के साथ सेल्फी भी क्लिक की और इसे शेयर करते हुए लिखा-'कितना अच्छा है मोदी।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओसाका में आयोजित जी-20 समिट में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ बैठक की। बैठक में आपसी व्यापार, वीजा और टूरिज्म को लेकर चर्चा हुई।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। गौरतलब है चीन और अमरीका के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है। ट्रंप इसे सुलझाने की कोशिश में लगे रहे।
ट्रंप ने कई चीनी समानों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। वहीं चीन ने भी अमरीका के सामनों पर आयात शुल्क दोगुना कर दिया है। दूसरी तरफ अमरीका रूस से एस-400 खरीदने पर चीन पर भी काट्सा एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंध लगा चुका है।
प्रधानमंत्री के साथ सम्मेलन में सुरेश प्रभु, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी साथ थे। दो दिवसीय सम्मेलन में पीएम का भव्य स्वागत हुआ। जापन के पीएम शिंजो अबे ने उन्हें विशेष महत्व दिया।
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