
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने एक बार फिर भारत-पाक रिश्तों पर रटा-रटाया राग अलापा है। उन्होंने कहा कि उनके शासन काल में भारत-पाक रिश्ते शांति और मिलाप के रास्ते पर थे, लेकिन अब मामला ऐसा नहीं है। एक इंटरव्यू में मुशर्रफ ने यह भी कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शांति वार्ता के पैरोकार नहीं हैं। गौरतलब है कि मुशर्रफ इन दिनों देशद्रोह के मामले का सामना कर रहे हैं। वे पिछले साल इलाज के लिए पाकिस्तान से दुबई गए थे और तभी से वे दुबई में रह रहे हैं। मुशर्रफ ने भारत के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई उंगली ना उठने पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अटल-मनमोहन का भी किया जिक्र
अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुशर्रफ ने कहा, 'मैंने दोनों तत्कालीन प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह से बात की थी। दोनों अलग-अलग राजनीतिक दलों के थे लेकिन हम विवादों से आगे बढ़ना चाहते थे। हम अपनी रणनीति पर काम कर रहे थे क्योंकि दोनों पक्ष शांति चाहते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है, वे हमें पूर्व स्थिति में लाना चाहते हैं।'
पीएम मोदी पर लगाए ये आरोप
- शांति के पैरोकार नहीं हैं।
- भारत में अपना प्रभुत्व थोपना चाहते हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर भी उठाए सवाल
मुशर्रफ ने कहा, 'भारत के व्यवहार को लेकर शुरू से पक्षपात रहा है। दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन भारत पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जाता है। कोई भी उनके परमाणु हथियार पर नियंत्रण करने के लिए नहीं कहता है। पाकिस्तान इसलिए परमाणु देश बना क्योंकि भारत ने हमेशा उसके अस्तित्व को चुनौती दी। अमरीका को उन्हें रोकना चाहिए था, हम हमेशा उनके प्रति वफादार रहे।'