
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर पूरे भारत में 5 जून को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने कहा, सर मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ का निधन हो गया है। उनके सम्मान में, भारत सरकार ने फैसला किया है कि कल (शनिवार) पूरे देश में एक दिन का राजकीय शोक होगा।"
पूरे भारत में शोक के दिन राष्ट्रीय ध्वज को उन सभी भवनों पर आधा झुकाया जाएगा जहां राष्ट्रीय ध्वज नियमित रूप से फहराया जाता है और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजक कार्यक्रम नहीं होगा। अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मॉरीशस के समकक्ष प्रविंद जगन्नाथ को फोन किया।
प्रधान मंत्री मोदी ने एक ट्वीट करते हुए प्रविंद जगन्नाथ के साथ फोन पर हुई बातचीत के बारे में बताया। उन्होंने लिखा कि अनिरुद्ध जगन्नाथ को मॉरीशस के साथ भारत की विशेष मित्रता के प्रमुख वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।
पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा "मैंने सर अनिरुद्ध जगन्नाथ के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए मॉरीशस के पीएम प्रविंद जगन्नाथ को फोन किया। उन्हें हिंद महासागर क्षेत्र के सबसे बड़े नेताओं में से एक और मॉरीशस के साथ भारत की विशेष मित्रता के प्रमुख वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।"
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जताया शोक
अनिरुद्ध जगन्नाथ का गुरुवार को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह 18 वर्ष से अधिक के कार्यकाल के साथ देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधान मंत्री थे। उन्हें 1980 के दशक के मॉरीशस आर्थिक चमत्कार का जनक माना जाता था।
जगन्नाथ ने 1982 और 1995 के बीच प्रधान मंत्री का पद संभाला, फिर 2000 और 2003 के बीच, और बाद में 2014 और 2017 के बीच, अपने बेटे प्रविंद जगन्नाथ को मशाल देने से पहले, जो मॉरीशस के वर्तमान प्रधान मंत्री हैं। उन्होंने 2003-2012 तक मॉरीशस के राष्ट्रपति के रूप में भी कार्य किया।
इससे पहले दिन में, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें 'दूरदर्शी नेता' बताया। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर कहा कि भारत-मॉरीशस संबंधों में उनके ऐतिहासिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने ट्वीट किया, "सर अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। एक वैश्विक राजनेता, एक दूरदर्शी नेता, एक पद्म विभूषण और भारत के एक असाधारण मित्र, भारत-मॉरीशस संबंधों में उनके ऐतिहासिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।"