
Surya and Chandra Grahan August 2026: अगस्त में दो महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं होने जा रही है। 12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) और 28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) लगेगा। इन ग्रहणों को लेकर लोगों में उत्सुकता है, लेकिन राहत की बात यह है कि दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। ऐसे में सागर सहित पूरे मध्यप्रदेश में इनका धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा। हरियाली अमावस्या, रक्षाबंधन और अन्य पर्व त्योहार बिना किसी बाधा के मनाए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण का सूतक तभी मान्य होता है, जब ग्रहण संबंधित क्षेत्र में दिखाई दे। चूंकि दोनों ग्रहण भारत में अदृश्य रहेंगे, इसलिए सागर के मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना, आरती, दर्शन, जप, दान और धार्मिक अनुष्ठान पूर्ववत जारी रहेंगे। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की धार्मिक बंदिश का पालन नहीं करना होगा। रक्षाबंधन पर बहने शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
पुजारी मनोज तिवारी ने बताया कि ग्रहण के कारण किसी प्रकार का सूतक या मंदिरों के पट बंद करने जैसी स्थिति नहीं बनेगी। हालांकि ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों पर इसका सूक्ष्म प्रभाव माना जा सकता है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठानों पर इसका असर नहीं होगा।
12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहणः यह ग्रहण कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, यूरोप और उत्तरी-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा।
28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहणः यह ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, एशिया के कुछ भाग, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई क्षेत्रों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में दृश्य नहीं होगा।
खगोल विज्ञान के अनुसार 2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण दुनिया के सबसे लंबे सूर्यग्रहणों में शामिल होगा। इसकी पूर्णता अवधि 6 मिनट 23 सेकंड रहेगी। भारत के कुछ हिस्सों से यह आंशिक रूप में दिखाई देगा, जबकि उस समय भारत