
Astrology Rain Prediction: ज्योतिषाचार्य से जानिए क्यों 11 अगस्त से बदलेगा मौसम मिजाज (फोटो सोर्स- Chatgpt)
Guru Tara Uday: 11 अगस्त को गुरु तारा उदित होने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसके बाद मौसम, बारिश और जनजीवन पर असर देखने को मिल सकता है। जानिए गुरु तारा उदय से जुड़े संकेत और क्यों इसे माना जा रहा है खास।
ज्योतिषीय गणना और खगोलीय परिवर्तनों के अनुसार 11 अगस्त को देवगुरु बृहस्पति (गुरु) का तारा उदित होगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है, गुरु तारे के उदित होने के साथ ही मौसम और वायुमंडल में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देंगे जिससे प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के प्रबल योग बन रहे है। हालांकि मानसूनी हवाओं की स्थानीय स्थिति और बादलों की सक्रियता के कारण कुछ क्षेत्रों में खंड वृष्टि की स्थिति भी बन सकती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि पंचांग के अनुसार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी, मंगलवार को पुनर्वसु नक्षत्र की साक्षी में गुरु तारा प्रातः 7:19 बजे उदित होगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार गुरु के उदित होने से प्राकृतिक चक्र में अनुकूलता आएगी, जिससे आगामी दिनों में हल्की और रुक-रुककर होने वाली वर्षा का क्रम थमेगा तथा झमाझम बारिश (Rain Prediction) से फसलों और जल स्रोतों को लाभ मिलने की संभावना है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार देवगुरु बृहस्पति के उदित होने से जनमानस में प्रसन्नता, शांति और आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा। साथ ही सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी अनुकूलता आने तथा जनजीवन में आरोग्यता और सुख-समृद्धि के संकेत मिलते हैं।
श्रावण मास में गुरु तारे के उदित होने से कुछ स्थानों पर खंड वृष्टि और कहीं-कहीं अतिवृष्टि के योग भी बन सकते है। इसके बावजूद संपूर्ण मानसून की दृष्टि से स्थिति अनुकूल रहेगी और सामान्य से बेहतर वर्षा होने की संभावना है। इसका प्रभाव श्रावण के मध्य से लेकर भाद्रपद मास के प्रारंभ तक देखने को मिल सकता है।
धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार यज्ञ, अनुष्ठान, देव प्रतिष्ठा और विशेष पितृ कर्म जैसे शुभ कार्यों के लिए गुरु तारे का उदित होना आवश्यक माना जाता है। वर्तमान में गुरु कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसे उनकी उच्च राशि माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार उच्च राशि में स्थित गुरु धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को गति प्रदान करते हैं तथा वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Updated on:
07 Aug 2026 01:14 pm
Published on:
07 Aug 2026 01:14 pm
