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Chandra Grahan 2026: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा पहला ग्रहण, इस राशि में प्रवेश से बन रहे हैं दुर्लभ संयोग? 5 राशियों पर विशेष प्रभाव

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को साल का पहला और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Feb 21, 2026
Lunar Eclipse 2026 India date|फोटो सोर्स - Chatgpt

Chandra Grahan 2026 Kab Hai:चंद्र ग्रहण इस बार होली के आसपास एक खास खगोलीय घटना लेकर आ रहा है। 3 मार्च को लगने वाला साल का पहला और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा, जिसका प्रभाव कई राशियों पर दिखाई दे सकता है। भारत के कुछ हिस्सों में दृश्य होने के कारण इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा, ऐसे में ज्योतिषीय दृष्टि से सावधानी और संयम बरतना महत्वपूर्ण माना गया है।

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Lunar Eclipse 2026: चंद्र ग्रहण सिंह राशि में घटित होगा

यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में घटित होगा। सिंह अग्नि तत्व की राशि है और नेतृत्व, आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा व आत्मसम्मान का प्रतीक मानी जाती है।जब किसी राशि में ग्रहण लगता है, तो उस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव अधिक पड़ता है। सिंह राशि वालों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर स्वास्थ्य, आर्थिक मामलों और पारिवारिक संबंधों को लेकर।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में ग्रहण का महत्व

कुण्डली विश्लेषक डॉ. अनीष व्यास के अनुसार यह चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, जिसे वैदिक ज्योतिष में सुख-सुविधा, प्रेम, कला और रचनात्मकता से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिषीय मत के अनुसार इस नक्षत्र में ग्रहण लगने पर निर्णय क्षमता और भावनात्मक संतुलन प्रभावित हो सकता है, इसलिए बड़े निवेश टालने, रिश्तों में धैर्य रखने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

Chandra Grahan 2026 Date And Time: चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल

भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट होगी।चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल लागू माना जाएगा।

चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल

भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट होगी।चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल लागू माना जाएगा।

इन 5 राशियों पर पड़ सकता है ज्यादा असर

मेष राशि

इस समय खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। भागदौड़ और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। धन संचय में कठिनाई आ सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

कर्क राशि

आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। व्यापार या नौकरी में अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है। यात्रा से जुड़े कामों में सावधानी रखें।

सिंह राशि

चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, इसलिए इसका प्रभाव अधिक रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें, आत्मविश्वास में कमी या पारिवारिक मतभेद जैसी स्थितियां बन सकती हैं। संयम और धैर्य बेहद जरूरी होगा।

वृश्चिक राशि

करियर में चुनौतियां सामने आ सकती हैं। मानसिक तनाव और निर्णयों में भ्रम की स्थिति बन सकती है। कर्ज लेने या बड़ा आर्थिक जोखिम उठाने से बचें।

मीन राशि

बनते कामों में रुकावट आ सकती है। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। इस समय अतिरिक्त मेहनत और सकारात्मक सोच ही सफलता दिला सकती है।

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