15 January 2026 Ka Panchang : आज का पंचांग 15 जनवरी 2026: जानें गुरुवार का संपूर्ण पंचांग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, व्रत, ग्रह गोचर, चंद्र राशि और आज जन्मे बच्चों की राशि व नामाक्षर।
Panchang Today 15 January 2026 : आज का पंचांग गुरुवार, 15 जनवरी 2026 विक्रम संवत 2082 के माघ मास कृष्ण पक्ष द्वादशी का है। आज श्री शीतलनाथ जयंती, थल सेना दिवस और गंडमूल योग का विशेष संयोग बन रहा है। सूर्य मकर राशि में स्थित हैं और चंद्रमा वृश्चिक से धनु राशि में गोचर करेंगे। आज के पंचांग में शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, नक्षत्र, योग, करण, ग्रहों के राशि एवं नक्षत्र परिवर्तन के साथ-साथ आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि, नक्षत्र और नामाक्षर की पूरी जानकारी दी गई है। शुभ कार्य, यात्रा, व्रत और दैनिक निर्णय लेने से पहले आज का पंचांग अवश्य देखें।
| विवरण | जानकारी |
| तारीख | 15 जनवरी, 2026 |
| दिन | गुरुवार |
| विक्रम संवत | 2082 |
| संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| शक संवत | 1947 |
| हिजरी सन् | 1447 (25 रज्जब) |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | शिशिर |
| मास | माघ |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 8.40 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 11.17 से 12.36 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12.36 से 3.13 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 4.32 से सूर्यास्त तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – द्वादशी तिथि रात्रि 8.17 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी ।
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि दक्षिण दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पहले थोड़ा फलाहार करके या दही सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा.
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
नक्षत्र – ज्येष्ठा नक्षत्र अंतरात्रि 5.48 तक होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
योग – वृद्धि योग रात्रि 8.38 तक रहेगा तदुपरान्त ध्रुव योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण रात्रि 8.17 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – श्री शीतलनाथ जयंती, थल सेना दिवस, गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज अंतरात्रि 5.48 तक वृश्चिक राशि में होगा तदुपरान्त धनु राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – मंगल का मकर राशि में प्रवेश अंतरात्रि 4-28 पर, बुध का उत्तराषाढा नक्षत्र में प्रवेश दिन 9-19 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज अंतरात्रि 5.48 तक तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी तदुपरान्त धनु राशि होगी ।
आज अंतरात्रि 5.48 तक जन्म लेने वाले बच्चों का ज्येष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर नो, या, यी, यू, ये पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, साहसी, उत्साही, व्यवहार-कुशल, स्पष्टवादी, परिश्रमी, कर्तव्यनिष्ट, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं। ये केमिस्ट, इंजिनियर, वकील, पुलिस, सेना-विभाग, अध्यापन, ज्योतिष, अनुसंधानकर्ता के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं।
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। इनमें दुसरो के मनोभावों को जान लेने की विशेष क्षमता होती हैं। ऐसे लोग अध्यापक, धर्म-प्रचारक, राजनीतिक, वैध-ड़ाक्टर, वकील और पुस्तक का व्यवसाय करने वाले होते हैं।