
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बेहत खास महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान करने से कई तरह के फायदे मिलते हैं। बता दें कि पूर्णिमा के दिन चांद अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण रहता है। नया साल शुरू होने में बस कुछ ही समय बाकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि साल 2026 की पौष पूर्णिमा कब होगी? पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और तप का काफी खास महत्व होता है। इस दिन ये सभी चीजें करने व्यक्ति की सभी समस्याएं दूर होती हैं। तो आइए जानते हैं साल 2026 की पहली पूर्णिमा कब है।
भारत में 2025 की आखिरी पूर्णिमा 4 दिसंबर को थी। इसके बाद 2026 की पहली पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 को दोपहर 3:33 बजे (IST) दिखाई देगी। इसके साथ ही नया साल अपने पहले चंद्र पड़ाव में प्रवेश करेगा।
2026 में पूर्णिमा की तारीखें और समय इस प्रकार हैं:
3 जनवरी 2026 – दोपहर 3:33 बजे
2 फरवरी 2026 – सुबह 3:39 बजे
3 मार्च 2026 – शाम 5:08 बजे
2 अप्रैल 2026 – सुबह 7:42 बजे
1 मई 2026 – रात 10:53 बजे
31 मई 2026 – दोपहर 2:15 बजे
30 जून 2026 – सुबह 5:27 बजे
29 जुलाई 2026 – रात 8:06 बजे
28 अगस्त 2026 – सुबह 9:48 बजे
26 सितंबर 2026 – रात 10:19 बजे
26 अक्टूबर 2026 – सुबह 9:42 बजे
24 नवंबर 2026 – रात 8:23 बजे
24 दिसंबर 2026 – सुबह 6:58 बजे
चंद्रमा को पृथ्वी के चारों ओर एक पूरा चक्कर लगाने और अपने सभी कलाएं बदलने में करीब 29.5 दिन लगते हैं। जबकि हमारे कैलेंडर के महीने 30 या 31 दिन के होते हैं। इसी अंतर के कारण पूर्णिमा की तारीख हर महीने बदलती रहती है।
अधिकतर महीनों में एक ही पूर्णिमा होती है, लेकिन जब कैलेंडर और चंद्र चक्र पूरी तरह मेल नहीं खाते, तो एक ही महीने में दो पूर्णिमा भी हो सकती हैं। दूसरी पूर्णिमा को आमतौर पर ब्लू मून कहा जाता है। इसका चांद के रंग से कोई संबंध नहीं होता।