OLA: अब भारी उद्योग और सड़क मंत्रालय ने ओला इलेक्ट्रिक से यह स्पष्ट करने को कहा है कि रजिस्ट्रेशन और बिक्री के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर क्यों है।
OLA की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ओला इलेक्ट्रिक एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला कंपनी द्वारा रिपोर्ट की गई बिक्री और सरकारी पोर्टल पर दर्ज पंजीकरण के आंकड़ों के बीच बड़े अंतर से जुड़ा है। दरअसल, 28 फरवरी 2025 को ओला इलेक्ट्रिक ने दावा किया कि उसने फरवरी में 25,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे हैं। लेकिन, वाहन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कंपनी के केवल 8,652 वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। इस विसंगति को देखते हुए भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय ने ओला इलेक्ट्रिक से स्पष्टीकरण मांगा है।
अब भारी उद्योग और सड़क मंत्रालय ने ओला इलेक्ट्रिक से यह स्पष्ट करने को कहा है कि रजिस्ट्रेशन और बिक्री के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर क्यों है। इसके अलावा, कंपनी से व्यापार प्रमाणपत्रों से जुड़े नियमों का पालन न करने को लेकर भी जवाब देने को कहा गया है। कंपनी ने अपनी सफाई में कहा कि रजिस्ट्रेशन में कुछ देरी हुई है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन विक्रेताओं की जिम्मेदारी होती है। ओला इलेक्ट्रिक का कहना है कि उनकी बिक्री बेहतर हो रही है और वे इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देने की प्रक्रिया में हैं।
ओला इलेक्ट्रिक को चार राज्यों में अपने कुछ स्टोर्स के लिए व्यापार प्रमाणपत्र संबंधी गड़बड़ियों को लेकर भी नोटिस मिले हैं। कंपनी ने इनका भी जवाब देने की बात कही है। 20 मार्च 2025 तक वाहन पोर्टल पर ओला इलेक्ट्रिक के 11,781 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। हालांकि, कंपनी की बिक्री हाल के महीनों में प्रभावित हुई है। इसी बीच, ओला इलेक्ट्रिक ने मोटरसाइकल सेगमेंट में भी कदम रखा है।