
देश में आज हजारों ड्राइवरों ने अपने ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्रों को रिन्यू कराना बंद कर दिया है, क्योंकि ये भारी जुर्माना को सहन करने में असमर्थ हैं। ध्यान दें, कि फिटनेस प्रमाणपत्र (Fitness Certificate) की अवधि समाप्ति के दिन से प्रतिदिन लगभग 50 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है, जो हजारों रुपये तक बढ़ रहा है, और कुछ वाहन मालिकों पर यह 1 लाख रुपये तक भी पहुंच गया है।
इस विषय पर ऑटो चालकों और कैब संचालकों का कहना है, कि इस फैसले से उनके हितों को ठेस पहुंच रही है। प्रतिदिन 50 रुपये का जुर्माना लगाने वाला नया मोटर वाहन नियम एक असहनीय बोझ बन गया है। वहीं शहर (Hyderabad) के एक ऑटो चालक को 92,100 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया है, जिसमें रिन्यूअल और प्रमाणपत्र समाप्त होने के दिन से प्रति दिन 50 रुपये का जुर्माना शामिल है।
बता दें, तेलंगाना ऑटो एंड मोटर वेलफेयर यूनियन के महासचिव एम दयानंद ने कहा कि एपी, तमिलनाडु और केरल सहित कुछ राज्य 1 अप्रैल से जुर्माना वसूल रहे थे, चूंकि फिटनेस प्रमाणपत्रों के नवीनीकरण के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है, इसलिए आरटीए ने राज्य सरकार को 50 रुपये प्रति दिन से 10 रुपये प्रति दिन का जुर्माना संशोधित करने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन राज्य ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है।
फिलहाल, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आदेश पर रोक लगा दी है। “कई स्कूल बसों ने अभी तक अपने फिटनेस प्रमाणपत्रों को नवीनीकृत नहीं किया है। कोविड -19 के दौरान, इन बसों को शेड तक सीमित कर दिया गया था। अगर उन्हें अपने प्रमाणपत्रों को नवीनीकृत करना है, तो शैक्षणिक संस्थानों को विलंब शुल्क के रूप में प्रति वर्ष 18,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।