
Anil Mishra Ram Mandir Trust Associates Removed: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला जारी है। पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र के दो करीबी सहयोगियों को राम मंदिर से हटा दिया गया है। दोनों कीमती चढ़ावे और रामलला को समर्पित मूल्यवान वस्तुओं का हिसाब-किताब रखते थे। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने शिकायती आधार पर नोटिस थमाकर उन्हें बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया है।
हटाए गए लोगों में केडी तिवारी उर्फ बड़े बाबू और बजरंग पाठक शामिल हैं। बड़े बाबू रामलला के आभूषणों के साथ श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित मूल्यवान वस्तुओं का हिसाब रखते थे। बजरंग पाठक सहायक के रूप में वीआईपी दर्शनार्थियों को ट्रस्ट पदाधिकारियों के निर्देशानुसार प्रसाद और अंगवस्त्र आदि भेंट करने का काम देखते थे। दोनों प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से मंदिर में तैनात थे। अनिल मिश्र ने इन्हें कई बार “खरा सोना” बताया था।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच जब श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई मूल्यवान वस्तुओं तक पहुंची तो बड़े बाबू भी पूछताछ के दायरे में आए थे। हालांकि छह जुलाई को ट्रस्ट ने कई वस्तुओं को अलग-अलग रखवाए जाने की जानकारी देकर मीडिया के सामने सफाई पेश की थी, जिसके बाद मामला कुछ ठंडा पड़ गया था। फिर भी इन दोनों को मंदिर से हटाकर तीर्थ क्षेत्र भेजने की पुष्टि स्वयं बड़े बाबू ने की है।
जानकारी के अनुसार, दोनों की विदाई राम मंदिर में तैनात महिला क्षेत्राधिकारी की शिकायत पर हुई। कुछ दिन पहले क्षेत्राधिकारी के अतिथि रामलला के दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने प्रसाद आदि से स्वागत की अपेक्षा की, लेकिन बजरंग पाठक ने मना कर दिया। उनका कहना था कि बिना ट्रस्ट के निर्देश के वे असमर्थ हैं। इससे नाराज क्षेत्राधिकारी ने अंतरिम महासचिव से शिकायत की। इस पर दोनों को नोटिस जारी कर मंगलवार से राम मंदिर आने से रोक दिया गया।
बड़े बाबू का कहना है कि यह घटना शाम को हुई जब वे मौके पर मौजूद नहीं थे। बातचीत बजरंग पाठक से हुई थी। इससे पहले चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र त्यागपत्र दे चुके हैं। गोपाल राव को दायित्व से मुक्त किया जा चुका है तथा दर्जनों सेवादारों को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है।