
ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह- फाइल फोटो
Garima Singh Dhruv Narayan Gorakhpur Fraud Case: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रेलवे अधिकारी ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह के खिलाफ ठगी का मामला और गहरा गया है। तिवारीपुर थाने में दोनों के खिलाफ सातवीं एफआईआर दर्ज हो गई है। इससे पहले एम्स, गोरखनाथ और सहजनवां थानों में छह पीड़ितों की शिकायतों पर मुकदमे दर्ज हो चुके थे। दोनों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
नवीनतम शिकायतकर्ता सूर्यविहार कॉलोनी निवासी सुग्रीव सिंह हैं, जो शहर के एक इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। सुग्रीव ने पुलिस को बताया कि ध्रुव नारायण उनकी मौसी के गांव के रहने वाले हैं, इसलिए उनके घर आना-जाना रहता था। आरोप है कि ध्रुव नारायण ने आरबीआई की एक योजना का हवाला देते हुए आठ प्रतिशत लाभ का झांसा दिया। इसके बाद गरिमा सिंह ने कागजात लेकर सुग्रीव के नाम पर छह बैंकों से कुल 83.87 लाख रुपये का लोन करा लिया।
लोन की रकम उनके खाते में आने के बाद करीब 77 लाख रुपये गरिमा ने अपने परिचित के बैंक खाते में ट्रांसफर करा दिए। करीब 6.35 लाख रुपये सुग्रीव के खाते में छोड़ दिए गए। गरिमा ने भरोसा दिलाया था कि एक साल के भीतर पूरा लोन खत्म हो जाएगा। शुरुआत में चार-पांच महीने तक ईएमआई जमा की गई, लेकिन उसके बाद किस्तें बंद कर दी गईं। बैंकों से फोन आने पर सुग्रीव ने गरिमा से संपर्क किया तो उसने कहा कि ईएमआई खुद जमा कर दें, अगले महीने रकम लौटा देगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
परेशान सुग्रीव ध्रुव नारायण के घर पहुंचे, जहां पता चला कि कई लोगों के साथ इसी तरह की ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने तिवारीपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस ठगी श्रृंखला में एक गंभीर घटना भी जुड़ी है। 13 अगस्त को पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के लिए गरिमा सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। परमात्मा ने पांच अगस्त को एम्स थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि होम लोन बंद कराने के नाम पर उन्हें छह बैंकों से कर्ज लेने के लिए राजी किया गया। दो महीने ईएमआई भरने के बाद किस्तें बंद हो गईं और पैसे मांगने पर धमकी दी गई।
गरिमा सिंह बैंक कर्मचारी बताई जा रही हैं, जबकि उनके पिता रेलवे अधिकारी हैं। पुलिस कई पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है। इस मामले ने शहर में खासी चर्चा पैदा कर दी है।
Updated on:
18 Aug 2026 08:55 pm
Published on:
18 Aug 2026 08:55 pm
