रेप केस में सजा काट रहे आसाराम ने बुधवार को अयोध्या में रामलला के वीआईपी दर्शन किए। तीन गाड़ियों के काफिले के साथ वीवीआईपी गेट से एंट्री पाने वाले आसाराम ने करीब 30 मिनट मंदिर परिसर में बिताए।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम इन दिनों पैरोल पर बाहर है। वह मंगलवार को अयोध्या पहुंचा जहां उसने सरयू नदी के तट पर प्रवास किया। सरयू आरती में उसने हिस्सा लिया। शाम को वह झुनकी घाट पर करीब 300 मीटर तक पैदल घूमता रहा, जहां उसके अनुयायियों ने उसके पैर भी छूए। बुधवार को वह रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचा। उसे मंदिर के उसी आदि शंकराचार्य द्वार से प्रवेश दिया गया जिससे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी मेहमान दर्शन के लिए जाते हैं। आसाराम ने करीब 10 मिनट तक रामलला की दिव्य प्रतिमा को निहारा।
आसाराम बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा और तीन वाहनों के काफिले के साथ राम जन्मभूमि परिसर पहुंचा। उसे आदि शंकराचार्य गेट से सीधे मंदिर के अंदर ले जाया गया। मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल जी ने आसाराम का स्वागत किया और उसे मंदिर की भव्यता, सोने के दरवाजों और दीवारों पर उकेरी गई नक्काशी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
रामलला के दर्शन के बाद आसाराम का हनुमानगढ़ी जाने का भी कार्यक्रम था लेकिन स्वास्थ्य कारणों और वहां की अधिक सीढ़ियों की वजह से वह दर्शन करने नहीं जा सका। फिलहाल आसाराम सरयू तट स्थित लक्ष्मण किला में रुका हुआ है।
बता दें कि आसाराम को राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर 6 महीने की अंतरिम जमानत मिली है। जोधपुर कोर्ट ने 29 अक्टूबर को और गुजरात हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को उसकी हृदय रोग की बीमारी और बढ़ती उम्र को देखते हुए राहत दी थी। हालांकि गुजरात हाईकोर्ट ने शर्त रखी थी कि उसके साथ तीन पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और वह सामूहिक रूप से साधकों से नहीं मिलेगा।
साल 2013 में शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर जोधपुर के मनई आश्रम में रेप का आरोप लगाया था। लड़की को भूत-प्रेत का साया बताकर इलाज के नाम पर वहां ले जाया गया था। 31 मार्च 2013 को गिरफ्तारी के बाद 25 अप्रैल 2018 को अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है और इतने वर्षों में पहली बार वह लंबी पैरोल पर बाहर आया है।
मीडिया से बातचीत में आसाराम ने कहा कि भारत में सात मोक्षदायी स्थान हैं, जिनमें अयोध्या और मथुरा भी शामिल हैं। इन स्थानों पर जाने या यहां प्राण त्यागने से कल्याण होता है। आसाराम ने कहा कि शरीर में वात, पित्त और कफ तीन तरह के दोष होते हैं और तीर्थों में जाने से इनमें से एक दोष समाप्त हो जाता है।
सोशल मीडिया पर आसाराम के अयोध्या पहुंचने को लेकर काफी नाराजगी जताई जा रही है। लोग कमेंट करके अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने एक्स पर लिखा- दोषी और बलात्कारी आसाराम पैरोल पर बाहर घूम रहा है और मीडिया के सामने प्रवचन दे रहा है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा- नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी और उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम अब ‘वीआईपी’ बनकर रामलला के दर्शन करेगा। क्या मंदिर ट्रस्ट के पास ऐसे अतिथियों के लिए भी समय है?