
Ayodhya Rain News: रामनगरी में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद एक बार फिर राम मंदिर परिसर में पानी पहुंचने की तस्वीरें सामने आईं। बारिश के दौरान राम दरबार की सीढ़ियों से पानी बहता नजर आया और मंदिर परिसर में फैल गया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं का राम दरबार की ओर प्रवेश रोक दिया। लगातार दूसरी बार ऐसी स्थिति बनने से मंदिर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मंगलवार दोपहर हुई तेज बारिश के दौरान राम दरबार की सीढ़ियों से पानी नीचे की ओर बहता दिखाई दिया। दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि जैसे ही वे सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे, सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। बताया गया कि पानी के बहाव के कारण एहतियातन कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित की गई।
मंदिर से बाहर निकले कई श्रद्धालुओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि आखिर इतना पानी राम दरबार तक कैसे पहुंच रहा है। लोगों का कहना था कि देश के सबसे आधुनिक और भव्य मंदिरों में शामिल राम मंदिर में हर बार तेज बारिश के दौरान ऐसी स्थिति सामने आना चिंता का विषय है। हालांकि मंदिर परिसर में पानी पहुंचने की वजह को लेकर किसी अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
बारिश का असर केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहा। राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने स्थित रामपथ पर भी कई जगह जलभराव हो गया, जिससे वाहनों और पैदल आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई। हनुमानगढ़ी, टेढ़ी बाजार और बिड़ला धर्मशाला के आसपास कुछ समय तक सड़कें पानी में डूबी रहीं। रामपथ से रीडगंज जाने वाला मार्ग भी पानी से भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बन गई। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के पुराने भवन के सामने स्थित कई दुकानों में पानी घुस गया। वहीं देवकाली वार्ड की श्रीराम कुंज कॉलोनी, बछड़ा सुल्तानपुर, शिवपुरम कॉलोनी, देवकाली गांव और टीचर कॉलोनी समेत कई इलाकों के घरों में भी बारिश का पानी भर गया। स्थानीय लोगों को घंटों जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा।
मंगलवार दोपहर करीब 45 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कई स्थानों पर नाले ओवरफ्लो हो गए और सीवर का पानी सड़कों पर बहने लगा। सिविल लाइन क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के पास नाला उफनाने से गंदा पानी दुकानों के बेसमेंट तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हर बारिश में यही हालात बन जाते हैं।
राम मंदिर परिसर से लेकर शहर की प्रमुख सड़कों तक जलभराव की स्थिति ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही कई इलाकों में पानी भर जाता है और समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। वहीं श्रद्धालुओं का मानना है कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।