अयोध्या

Ram Mandir Donations Theft Row: शोभनाथ मिश्र बने गणना प्रभारी, दो शिफ्टों में शुरू चढ़ावे की गिनती

Ayodhya News: पूर्व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के जेल जाने के बाद ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने दान राशि गिनती की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए चार सुपरवाइजर तैनात किए हैं।
2 min read
Ram Mandir
अयोध्या राम मंदिर

Ayodhya Ram Mandir: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दान चोरी मामले के बाद मचे बवाल के बीच व्यवस्था में लगातार बदलाव किया जा रहा है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती फिर से दो शिफ्टों में शुरू हो गई है। जांच में पाया गया था कि दान राशि की गिनती में पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी भूमिका नहीं थी। अब दान राशि की गणना को पूरी तरह से एसबीआई के हवाले कर दिया है। मंदिर और बैंक के सूत्रों का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की देखरेख में दो-शिफ्ट वाली व्यवस्था शुरू की गई है।

दो शिफ्ट में होगी गिनती

एसबीआई के परीक्षण के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। हर शिफ्ट में 10 से 12 लोग दान के चढ़ावे की गणना का काम करेंगे। पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। दूसरी शिफ्ट दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे खत्म होगी। बैंक की ही अब दान राशि की गणना और उसके उचित डॉक्यूमेंटेशन की जिम्मेदारी दी गई है।

शोभनाथ मिश्र बने नए गणना प्रभारी

पूर्व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के जेल जाने के बाद ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने दान राशि गिनती की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए चार सुपरवाइजर तैनात किए हैं। इनमें एक पूर्व सैनिक को भी शामिल किया है। सुरक्षा प्रभारी कैप्टन केके तिवारी को गणना की दैनिक रिपोर्टिंग का वरिष्ठ प्रभारी बनाया गया है। पूर्व सैनिक एसपी दुबे, शेषमणि तिवारी और शोभनाथ मिश्र भी ट्रस्ट प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार अयोध्या के श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की तीन जजों की बेंच ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के पुनर्गठन का निर्देश दिया। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने कहा कि SIT का नेतृत्व एक सीनियर और अनुभवी IPS अधिकारी करें। अगली सुनवाई अब सोमवार (27 जुलाई) को होगी।

अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश की और कोर्ट को बताया कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम जांच कर रही है और मौजूदा SIT सीधे तौर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन में नहीं लगी है।

Updated on:
20 Jul 2026 09:49 pm
Published on:
20 Jul 2026 09:49 pm
Also Read
View All