
Ram Mandir Theft: SIT द्वारा अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब इस मामले पर बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया है कि चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच तय की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP का पालन नहीं किया गया।
SIT की जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच तय की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में इसे गंभीर और कथित रूप से जानबूझकर की गई लापरवाही माना है।
सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में ट्रस्ट और SBI के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में चढ़ावे की गिनती, दान पात्र की सुरक्षा, नकदी प्रबंधन और रिकॉर्ड रखने के संबंध में विस्तृत SOP तैयार की गई थी। इस पर SBI की ओर से गोविंद मिश्र और ट्रस्ट की ओर से अनिल मिश्रा ने हस्ताक्षर किए थे। SIT जांच में सामने आया कि बाद में चढ़ावे की गणना के दौरान SOP का पालन नहीं किया गया।
SIT जांच में सामने आया कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना अधिकृत आदेश के हुंडियों (दान पात्र) की चाबियां थीं। ट्रस्ट को पहले ही चढ़ावे में गड़बड़ी की आशंका हो गई थी। इसके बाद SOP तैयार की गई थी। इसके बावजूद तय SOP का पालन नहीं हुआ।
राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के समय से टिन्नू यादव चंपत राय के ड्राइवर बने थे। इसके बाद उनके दिन बदलते गए। वे राम मंदिर न्यास में कर्मचारी बन गए और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल गईं। आरोप है कि अब वे करोड़ों की संपत्ति की मालिक हैं। बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके गिरफ्तारी की है। मुकदमे में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का भी नाम है।