
Vishakha Committee formed for Women Rights: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) में कार्यरत महिला कर्मचारियों की समस्याओं, शिकायतों और कार्यस्थल पर उत्पन्न होने वाली विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निगम मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विशाखा समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में अयोध्या क्षेत्र के नवागत 55वें क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने महिला कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पांच सदस्यीय विशाखा समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और निष्पक्ष कार्य वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।
बदलते सामाजिक परिवेश और कार्यस्थलों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए महिला सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न नियम और व्यवस्थाएं लागू की जाती रही हैं। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी महिला कर्मचारियों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए सभी क्षेत्रों में विशाखा समिति के गठन का निर्णय लिया है।
निगम मुख्यालय से जारी निर्देशों के बाद अयोध्या क्षेत्र में भी इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की गई और क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने महिला कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए समिति का गठन कर दिया। इस पहल को महिला कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
अयोध्या क्षेत्र के 55वें नवागत क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि निगम की प्रगति और बेहतर कार्य संस्कृति के लिए कर्मचारियों का संतुष्ट और सुरक्षित होना बेहद आवश्यक है। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और प्रभावी तंत्र की आवश्यकता थी, जिसे ध्यान में रखते हुए विशाखा समिति का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से महिला कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और उनका निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।
अयोध्या क्षेत्र में गठित इस पांच सदस्यीय विशाखा समिति में विभिन्न डिपो और कार्यालयों में कार्यरत अनुभवी महिला कर्मचारियों को शामिल किया गया है। समिति की अध्यक्ष के रूप में अकबरपुर डिपो की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी लक्ष्मी देवी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अयोध्या डिपो की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी सुशीला देवी को सदस्य बनाया गया है।
समिति में सुल्तानपुर डिपो की आउटसोर्स डिपो प्रभारी मनीषा त्रिपाठी, सेवा प्रबंधक कार्यालय की ओएजी-2 सविता सिंह और क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय की ओएजी-2 स्नेहा दुबे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इन सभी महिला कर्मचारियों को उनके अनुभव, कार्यक्षमता और महिला हितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को देखते हुए समिति में स्थान दिया गया है।
विशाखा समिति का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। यदि किसी महिला कर्मचारी को कार्यस्थल पर किसी प्रकार की असुविधा, उत्पीड़न, भेदभाव या अन्य समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह समिति के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकेगी। समिति शिकायत की जांच कर निष्पक्ष ढंग से उसका समाधान सुनिश्चित करेगी।
इसके अलावा समिति महिला कर्मचारियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने और उनके मनोबल को मजबूत करने के लिए भी कार्य करेगी। इससे महिला कर्मचारियों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने का अवसर मिलेगा और उनमें आत्मविश्वास की वृद्धि होगी।
विशाखा समिति के गठन के बाद अयोध्या क्षेत्र की महिला कर्मचारियों में खुशी और संतोष का माहौल है। महिला कर्मचारियों का कहना है कि इस पहल से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक बेहतर मंच मिलेगा। अब वे बिना किसी संकोच के अपनी शिकायतों को समिति के समक्ष रख सकेंगी और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
कई महिला कर्मचारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण किसी भी कर्मचारी की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में विशाखा समिति का गठन निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।
अयोध्या क्षेत्र में विशाखा समिति का गठन महिला सशक्तिकरण और कर्मचारी हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह समिति महिला कर्मचारियों की शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कर उन्हें सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल महिला कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की कार्य संस्कृति भी और अधिक सुदृढ़ एवं संवेदनशील बनेगी।