
मेरठ की काव्य मसीह, बलिया के शिवम यादव और मऊ के अमन सिंह ने किया टॉप (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
UPCATET 2026 Results Declared: उत्तर प्रदेशके हजारों छात्र-छात्राओं के लिए सोमवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। प्रदेश की प्रतिष्ठित संयुक्त कृषि प्रवेश परीक्षा UPCATET-2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस परीक्षा का परिणाम प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने विधानसभा स्थित कार्यालय में जारी किया। इस अवसर पर बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसवीएस राजू भी उपस्थित रहे।
परिणाम घोषित करते हुए कृषि मंत्री ने परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती रुचि उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस अवसर पर बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ परीक्षा का आयोजन और परिणाम घोषित कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसवीएस राजू और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का सफल आयोजन और निर्धारित समय में परिणाम जारी करना प्रशासनिक दक्षता और बेहतर प्रबंधन का परिचायक है।
इस वर्ष UPCATET-2026 का आयोजन प्रदेश के 12 जनपदों में किया गया। परीक्षा का आयोजन 17 और 18 जून को विभिन्न केंद्रों पर किया गया था। 17 जून को स्नातक यानी यूजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई, जिसके लिए प्रदेश में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं, 18 जून को परास्नातक, पीएचडी और एमबीए पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई, जिसके लिए कुल 18 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।
UPCATET-2026 के लिए इस बार बड़ी संख्या में छात्रों ने आवेदन किया था। संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 18,827 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत यानी कुल 16,349 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश में कृषि शिक्षा के प्रति छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में से कुल 14,802 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह सफलता प्रतिशत भी काफी संतोषजनक माना जा रहा है।
परीक्षा परिणाम के आंकड़ों के अनुसार, सफल अभ्यर्थियों में पुरुष अभ्यर्थियों की संख्या अधिक रही। कुल सफल उम्मीदवारों में 73 प्रतिशत पुरुष और 27 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। हालांकि कृषि शिक्षा के क्षेत्र में महिला छात्रों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है और पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार भी बड़ी संख्या में छात्राओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया और सफलता प्राप्त की।
स्नातक स्तर की परीक्षा में मेरठ के कंकरखेड़ा की रहने वाली काव्य मसीह ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। काव्य की इस सफलता से उनके परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित कृषि प्रवेश परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया है। स्नातक स्तर पर कन्नौज की प्राची द्विवेदी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि रामपुर के मोहम्मद कैफ तीसरे स्थान पर रहे।
परास्नातक यानी पीजी स्तर पर बलिया के शिवम यादव ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। वहीं, उन्नाव की आस्था यादव ने दूसरा स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र भी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
पीएचडी स्तर पर मऊ के अमन सिंह ने पहला स्थान प्राप्त कर प्रदेशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं, मथुरा के अभिषेक गौतम ने दूसरा स्थान हासिल किया है। इन मेधावी छात्रों की सफलता कृषि अनुसंधान और वैज्ञानिक शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी भविष्य में कृषि क्षेत्र में नवाचार और शोध को नई दिशा देंगे।
पिछले कुछ वर्षों में कृषि शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि अनुसंधान, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी और एग्री बिजनेस जैसे क्षेत्रों में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं ने छात्रों को कृषि शिक्षा की ओर आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए प्रशिक्षित कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की बड़ी आवश्यकता है। ऐसे में UPCATET जैसी परीक्षाएं कृषि क्षेत्र को योग्य और प्रतिभाशाली युवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
परिणाम घोषित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से कृषि शिक्षा के माध्यम से देश और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा किमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथके नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए और अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
UPCATET-2026 का परिणाम घोषित होने के साथ ही हजारों छात्रों के सपनों को नई उड़ान मिल गई है। अब सफल अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में प्रवेश लेकर कृषि विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारेंगे। यह परिणाम केवल छात्रों की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यही युवा प्रदेश और देश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Published on:
29 Jun 2026 03:29 pm
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