अयोध्या

महंत नृत्य गोपाल ने 36 घंटों से कुछ भी नहीं खाया-पिया; बिगड़ी तबियत, हालत नाजुक!

Mahant Nritya Gopal Das Health Update News: महंत नृत्य गोपाल दास ने 36 घंटों से कुछ भी खाया-पिया नहीं है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

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Jan 21, 2026
महंत नृत्य गोपाल दास की हालत नाजुक। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Mahant Nritya Gopal Das Health Update News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबियत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें लगातार लूज मोशन और उल्टी की शिकायत के बाद इलाज के लिए मेदांता अस्पताल रेफर किया गया है।

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महंत नृत्य गोपाल दास की तबियत बिगड़ी

श्रीराम अस्पताल की मेडिकल टीम ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेदांता भेजने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि महंत नृत्य गोपाल दास ने पिछले 36 घंटों से कुछ भी नहीं खाया था, जिससे उनकी स्थिति नाजुक हो गई। फिलहाल डॉक्टर्स की एक टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

श्री राम अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अचानक तबियत बिगड़ गई है। उन्हें लगातार लूज मोशन और उल्टियों की शिकायत हो रही थी, जिसके चलते उनकी हालत तेजी से कमजोर होती चली गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री राम अस्पताल की डॉक्टर्स की टीम ने पहले उनके आवास पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर्स ने बेहतर और विशेषज्ञ उपचार के लिए उन्हें लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर्स के अनुसार, महंत नृत्य गोपाल दास ने पिछले 36 घंटे से कुछ भी खाया-पिया नहीं है, जिससे उनकी हालत और अधिक चिंताजनक हो गई है। फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मेदांता में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज करेगी।

महंत नृत्य गोपाल दास के बारे में

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास हैं। इससे पहले कृष्णभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मूल रूप से मथुरा निवासी महंत नृत्य गोपाल दास का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मथुरा में ही प्राप्त की।

बाद में उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर खुद को पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में समर्पित कर दिया और अयोध्या आ गए। यहां उन्हें महंत राम मनोहर दास से दीक्षा प्राप्त हुई, जिन्होंने उन्हें संस्कृत की भी शिक्षा दी। इसके बाद उन्होंने वाराणसी स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय से ‘शास्त्री’ की उपाधि प्राप्त की।

साल 1965 में अयोध्या में आयोजित एक भव्य समारोह में महंत नृत्य गोपाल दास को महंत के रूप में स्थापित किया गया था। उस समय उनकी उम्र मात्र 27 वर्ष थी।

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