राम मंदिर भवन-निर्माण समिति (Ram Mandir Construction Committee) के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र (Nripendra Mishra) ने अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय (International Ramkatha Museum) में प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है। इस प्रयोगशाला को स्थापित करने का क्या उद्देश्य है, आइए जानते हैं…
अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में पुरावशेषों के संरक्षण (Antiquities Conservation) के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया है। राम मंदिर भवन-निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने फीता काटकर इस प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में स्थापित की गई इस प्रयोगशाला में कई शताब्दियों के पुरावशेषों, कलाकृतियों, वस्त्रों, चित्रकलाओं और खुदाई में प्राप्त पत्थरों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा।
राम मंदिर भवन-निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि प्रयोगशाला की स्थापना दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सहयोग से की गई है, जिसका नेतृत्व राम बहादुर राय कर रहे हैं। संस्थान के दो अनुभवी कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया है। ये कर्मचारी अगले 3 वर्षों तक राम मंदिर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। नृपेन्द्र मिश्र ने कहा कि हनुमान जी गैलरी 30 मई तक तैयार हो जाएगी। संग्रहालय को श्रद्धालुओं के लिए दिसंबर के बाद खोला जाएगा, क्योंकि वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों में बाधा नहीं पड़नी चाहिए।
राम मंदिर समिति के मुतिबिक, इस प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन के लिए रखी गई कलाकृतियों का संरक्षण करना है। राम मंदिर स्थल की खुदाई से प्राप्त 100 से अधिक प्राचीन कलाकृतियां, मूर्तियां और 500 वर्ष पुराने मंदिर आंदोलन से जुड़े दस्तावेज भी यहां प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रयोगशाला के संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें भगवान राम के जन्म, शिक्षा, वनवास और लंका विजय जैसे महत्वपूर्ण चरणों को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा परंपरा और नवाचार को जोड़ते हुए संग्रहालय में 7D तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जा रहा है।
भगवान राम की पूरी कथा होलोग्राम के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएगी। इसके जरिए दर्शकों को वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा। मंदिर समिति ने बताया कि 'संकट मोचन विथिका' के अंतर्गत हनुमान गैलरी बनाई जा रही है, जहां 7D इफेक्ट्स वाली 20 मिनट की फिल्म भगवान हनुमान के वीरतापूर्ण कारनामों को दिखाएगी। इस परियोजना के लिए IIT मद्रास के विशेषज्ञों और फ्रांस की एक तकनीकी टीम मिलकर काम कर रही है।
सुरक्षा के लिहाज से राम मंदिर परिसर के चारों ओर 4 किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। इसकी निगरानी करने के लिए 25 मीनारें भी बनाई जाएंगी। यह प्रयोगशाला और संग्रहालय राम मंदिर को वैश्विक स्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।