
Paramhans Acharya Filed Complaint Against Student Protest: देशभर में शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा विवाद को लेकर चले छात्र-आंदोलन के बाद अब सियासत और बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब यह पूरा मामला एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। छात्र आंदोलन के खिलाफ अब तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अयोध्या कोतवाली में तहरीर दी है।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "आज कोतवाली अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय वंदनीय माता जी को लेकर जिस तरह से पूरे देश में अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा है, उससे पूरे देश में आक्रोश है, लोग दुखी हैं। इसलिए मैंने आज तहरीर दी है। जिस तरह से छात्र आंदोलन के नाम पर पुलिस पर पत्थरबाजी हुई, राष्ट्रीय संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई, तोड़फोड़ की गई, पत्रकारों को मारा गया, मारपीट की गई, उसको लेकर आज मैं, तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य, अयोध्या कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराने के लिए आया हूं।"
परमहंस आचार्य ने अपनी दी गई तहरीर में आंदोलनकारियों द्वारा की गई भारी हिंसा का भी प्रमुखता से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के नाम पर कुछ उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जमकर पत्थरबाजी की। इतना ही नहीं इन लोगों ने राष्ट्रीय संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंचाई और कई जगहों पर तोड़फोड़ की।
इन तमाम गंभीर घटनाओं को लेकर जगद्गुरु परमहंस आचार्य खुद अयोध्या कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित रूप में तहरीर देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि आंदोलन की आड़ में उपद्रव और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ तुरंत मुकदमा पंजीकृत किया जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुलिस जल्द से जल्द इन दोषियों की पहचान करे और उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और देश के प्रधानमंत्री की मां का अपमान करने की हिम्मत न कर सके।