
SIT Probe Ram Mandir: राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति और हाल ही में सामने आए चढ़ावा प्रकरण की जांच को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और घटना के 24 घंटे के भीतर ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राज्य सरकार जिस तेज गति से काम कर रही है वह काबिले तारीफ है। इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए सिर्फ 15 दिन की समय सीमा तय की गई है। एसआईटी को अपनी शुरुआती रिपोर्ट महज सात दिन के भीतर सौंपनी होगी। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि हमें सरकार की इस पारदर्शी पहल का पूरी तरह से समर्थन करना चाहिए क्योंकि यह राम भक्तों की आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने जांच की प्रक्रिया पर बात करते हुए आगे बताया कि यह विशेष जांच दल पूरे मामले की गहराई से समीक्षा करेगा। समिति अपनी जांच में उन सभी लंबित मामलों और कमियों की पहचान करेगी जो इस विवाद का कारण बने हैं। इसके बाद एसआईटी उन सभी जरूरी सुधारात्मक कदमों की सिफारिश करेगी जिससे व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके और भविष्य में कोई भी व्यवस्था पर सवाल न उठा सके।
सरकार ने इस पूरे मामले की जांच की कमान अनुभवी अफसरों के हाथों में सौंपी है। इस उच्च स्तरीय एसआईटी में लखनऊ मंडल के आयुक्त IAS विजय विश्वास पंत और पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम पूरे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच करेगी ताकि चंदे में हेराफेरी करने वाला कोई भी दोषी किसी भी सूरत में बच न सके।
एसआईटी केवल गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की ही जांच नहीं करेगी बल्कि उन सभी संदिग्धों के बैकग्राउंड की भी गहनता से जांच करेगी जिन पर इस मामले में शामिल होने का शक है। टीम यह पता लगाएगी कि राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने और चंदा चोरी की इस साजिश के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।