
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मामले में सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लगातार एसआईटी जांच पर सवाल उठाकर उसे प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के हालिया बयान से उनकी मंशा साफ हो गई है। उन्होंने कहा, 'आज दिल की बात उनकी जुबान पर आ गई है। समाजवादी पार्टी शुरू से ही एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े कर रही है। उनके नेता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।'
दरअसल, अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। सपा लगातार यह मांग कर रही है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और जनता के सामने तथ्य रखे जाएं।
अखिलेश यादव के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल राजभर ने कहा कि विपक्ष को जांच पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट आने दीजिए। यदि जांच रिपोर्ट में या सरकार की कार्रवाई में कोई कमी दिखाई देती है, तो उस पर सवाल उठाइए। लेकिन जांच पूरी होने से पहले लगातार बयानबाजी करना उचित नहीं है।'
मंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की चिंता जांच की निष्पक्षता नहीं, बल्कि अयोध्या को राजनीतिक मुद्दा बनाना है। उन्होंने कहा, 'आपकी बेचैनी अयोध्या को राजनीतिक मुद्दा बनाने में है। जनता सब कुछ देख रही है। सरकार पूरी गंभीरता से मामले की जांच करा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ विपक्ष जांच की पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि एसआईटी स्वतंत्र रूप से काम कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।