
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने एक न्यूज़ एजेंसी को दिए गए बयान में कहा कि उनकी पार्टी पहले भी कई बार राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच ट्रस्ट से जुड़े सभी लोगों को अलग रखकर कराई जानी चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अयोध्या समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में पहले भी कई बार अपनी मांग रख चुकी है। अब भी निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम है।
अवधेश प्रसाद ने कहा, "हमारे नेता अखिलेश यादव और हम सभी ने एक नहीं, बल्कि कई बार यह मांग की है कि राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच ऐसी हो, जिसमें ट्रस्ट से जुड़े सभी लोगों को जांच की प्रक्रिया से अलग रखा जाए। ताकि किसी तरह का प्रभाव न पड़े और सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। तो उनकी पारदर्शी तरीके से जांच होना जरूरी है। उनका कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। क्योंकि करोड़ों लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी हुई हैं।
सपा सांसद ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष होगी तो लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी लंबे समय से इस मुद्दे पर सवाल उठाती रही है। लेकिन अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है। अवधेश प्रसाद के इस बयान के बाद राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे नेता अखिलेश यादव पहले भी कई बार कह चुके हैं। एसआईटी गठन से पहले राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब इस मुद्दे को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है।