
अयोध्या :श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी को लगातार नए सुराग मिल रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल कार खरीदने, जमीन लेने और शेयर बाजार में निवेश करने के लिए किया।
जांच में सामने आया है कि मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा ने कथित तौर पर चोरी की गई रकम से एक स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। पुलिस के अनुसार यह कार 16 मई 2025 को गोरखपुर के एक शोरूम से खरीदी गई थी और 22 मई 2025 को अयोध्या में इसका पंजीकरण कराया गया। वाहन अनुकल्प के पिता रविंद्र कुमार के नाम पर दर्ज है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा और अविनाश ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि चढ़ावे से प्राप्त धनराशि का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया। इसके अलावा रकम को ब्याज पर भी दिया गया था, जिससे अतिरिक्त कमाई की जा सके। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस वित्तीय लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
पूछताछ के बाद पुलिस अनुकल्प मिश्रा को उसके घर भी लेकर पहुंची। करीब 20 मिनट तक चली तलाशी के दौरान पुलिस को एक एकड़ जमीन के दस्तावेज मिले। दस्तावेजों के अनुसार यह जमीन लगभग 6.70 लाख रुपये में खरीदी गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक हो सकता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर चोरी की रकम को सीधे अपने खातों में रखने के बजाय आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के खातों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि धनराशि अलग-अलग लोगों के बीच बांटी गई और फिर विभिन्न माध्यमों से वित्तीय लेन-देन किए गए।
इसी कड़ी में पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों के जरिए हुए लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
अयोध्या पुलिस इस मामले में अब तक चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई आरोपियों ने चढ़ावा चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं। इससे पहले पुलिस लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को भी उनके घर लेकर गई थी, जहां तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से नोटों की गड्डियां, सोने के आभूषण और एक कार बरामद होने की पुष्टि की है। हालांकि अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस आरोपी के घर से कितनी नकदी या कितने आभूषण मिले हैं। बरामदगी का पूरा ब्योरा जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया जा सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरीकांड प्रदेश की सबसे चर्चित जांचों में शामिल हो चुका है। एसआईटी बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और कथित वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे।