
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने उनसे प्रशासनिक फैसलों, चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई सवाल पूछे।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के बयान का मिलान अन्य गवाहों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों से किया जाएगा। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके, ऐसे में जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है।
जांच के दौरान पुलिस टीम भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अयोध्या धाम शाखा भी पहुंची। यहां शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने मंदिर में जमा होने वाले चढ़ावे से जुड़े दस्तावेज जुटाए और आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी के साथ पिछले पांच वर्षों का बैंक स्टेटमेंट भी मांगा है।
मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि में वर्ष 2009 से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों सहित पूरे मंदिर परिसर में स्थापित करीब 1,600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास थी।
सूत्रों का कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चोरी की घटना सामने आने के बाद निगरानी तंत्र की भूमिका पर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अर्जुन देव एक ही जिले में 17 वर्षों तक कैसे तैनात रहे, जबकि उनके कई बार तबादले के आदेश जारी हुए थे। बताया जाता है कि वे वीआईपी दर्शन व्यवस्था सहित ट्रस्ट के कई महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। एसआईटी उनसे पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा, पदाधिकारी गोपाल राव समेत करीब 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं। इनमें ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
जांच टीम मंदिर के पांच-छह अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर चुकी है, जबकि गणना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े करीब 30 लोगों से जल्द पूछताछ की जाएगी। पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कर रही है और कई लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जा रही है।
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने पुलिस को बताया कि चढ़ावा चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने सक्रिय होकर संदिग्धों की पहचान कराई और एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग किया।
उन्होंने माना कि चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन आरोपी टिन्नू यादव लंबे समय से संस्था से जुड़ा हुआ था और उसके इस तरह के कृत्य की उन्हें उम्मीद नहीं थी।
जब पुलिस ने रिश्तेदारों या परिचितों को नौकरी दिए जाने के आरोपों पर सवाल किया तो चंपत राय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को काम दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि नियुक्तियों में केवल उनकी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही है। इस दौरान उन्होंने अनिल मिश्रा और गोपाल राव का भी उल्लेख किया।
चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश और सुभाष श्रीवास्तव की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी हुई। अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी।
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की पैरवी कोई भी वकील नहीं करेगा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि निर्णय का उल्लंघन करने वाले वकील पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।