अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर SC का आदेश: 2 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करे SIT, जांच में CA और फोरेंसिक ऑडिटर होंगे शामिल

Ram Mandir News: राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT में चार्टर्ड अकाउंटेंट और फोरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने दो सप्ताह में जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।
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Jul 27, 2026
राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation Theft News: अयोध्या के राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और पारदर्शी व मजबूत बनाने के लिए बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने को कहा है, ताकि चढ़ावे से जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच हो सके। सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने नई SIT की जानकारी भी कोर्ट को दी और बताया कि इसका नेतृत्व आईजी किरण एस. कर रहे हैं। अदालत ने SIT को दो सप्ताह में जांच की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

यूपी सरकार ने कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मामले की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई। यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने सुना गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि नई SIT का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस. कर रहे हैं। उनके साथ टीम में एक डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं।

पिछली सुनवाई के बाद बनी नई SIT

इससे पहले 20 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नई SIT गठित करने और अब तक की जांच की पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को नई SIT का गठन किया। नई टीम की कमान लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को सौंपी गई है। इससे पहले जांच कर रही SIT की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे, जबकि किरण एस. उसमें सदस्य थीं। पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT बनाई जाए, ताकि जांच किसी ठोस और निर्णायक नतीजे तक पहुंच सके।

राजनीति से दूर रखने की दी थी नसीहत

पिछली सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सख्त टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि हम केवल आगाह करना चाहते हैं कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति न हो। पहली नजर में यह आपराधिक मामला लगता है। इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए।

आठों आरोपियों की होगी पेशी

इस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की सोमवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी होनी है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी। मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और रिटायर्ड बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव फिलहाल जेल में बंद हैं।

Updated on:
27 Jul 2026 05:08 pm
Published on:
27 Jul 2026 05:08 pm