अयोध्या

Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए जबरदस्त क्रेज, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर भी मैदान में, 48 घंटे में 1000 से ज्यादा आवेदन

Ram Mandir CEO Vacancy: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए 48 घंटे में 1000 से ज्यादा आवेदन मिले हैं। पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर भी दावेदारों में शामिल हैं। चयन प्रक्रिया 30 दिन में पूरी होगी।
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Jul 16, 2026
Ram Mandir Trust CEO Amitabh Thakur News Ayodhya News
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (photo- x@RamJanmbumi)

Ram Mandir Trust CEO Recruitment: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए CEO पद को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के सिर्फ 48 घंटे के भीतर 1,000 से ज्यादा आवेदन ट्रस्ट को मिल चुके हैं। खास बात यह है कि इस पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी आवेदन किया है। इतने कम समय में बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद इस भर्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर भी रेस में

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी राम जन्मभूमि ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन किया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे अंतिम तीन उम्मीदवारों की सूची में शामिल होंगे या नहीं। ट्रस्ट की चयन समिति सभी आवेदनों की जांच के बाद अधिकतम तीन नाम ट्रस्ट बोर्ड को भेजेगी और अंतिम फैसला बोर्ड करेगा।

48 घंटे में 1000 से ज्यादा आवेदन

ट्रस्ट के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के दो दिन के भीतर ही 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद चयन समिति सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग करेगी। जरूरत पड़ने पर कुछ उम्मीदवारों को व्यक्तिगत बातचीत (इंटरैक्शन) के लिए भी बुलाया जा सकता है।

30 दिन में पूरी होगी चयन प्रक्रिया

चयन समिति का लक्ष्य आवेदन की अंतिम तिथि के करीब 30 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया समाप्त करना है। समिति अधिकतम तीन उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट बोर्ड को भेजेगी, जिसके बाद बोर्ड नए CEO की नियुक्ति पर अंतिम फैसला करेगा।

22 जुलाई की बैठक अहम

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट की प्रस्तावित 22 जुलाई की बैठक में चयन प्रक्रिया की प्रगति पर चर्चा हो सकती है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं, तो नए CEO के नाम पर भी फैसला लिया जा सकता है।

इन बातों पर होगा उम्मीदवारों का मूल्यांकन

चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता, ईमानदारी, बड़े संस्थानों के प्रबंधन का अनुभव और संगठन चलाने की क्षमता जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा। सरकारी सेवा में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्ति के करीब अधिकारी और निजी क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर भी इस पद के लिए पात्र हैं।

दान चोरी मामले की जांच भी जारी

इधर, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने हाल ही में दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर दान गिनने और धन हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया का रीकंस्ट्रक्शन कराया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर चढ़ावे की रकम कैसे बाहर निकाली गई।

Updated on:
16 Jul 2026 10:14 am
Published on:
16 Jul 2026 10:13 am