
Ayodhya Ram Mandir Donation Dispute Row : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को प्रस्तावित अहम बैठक से पहले अयोध्या का धार्मिक माहौल एक बार फिर चर्चा में है। बैठक से ठीक पहले संत समाज ने विशेष वैदिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का आयोजन कर भगवान हनुमान से प्रार्थना की कि चंपत राय को एक बार फिर ट्रस्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके साथ ही संतों ने ट्रस्ट में अयोध्या की रामानंदी वैष्णव परंपरा से जुड़े संतों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग भी दोहराई।
साकेत भवन के महंत सीताराम दास के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में वैदिक विद्वानों ने हनुमान जी के महामंत्र और विजय मंत्रों का जाप किया। संतों ने भगवान रामलला की सेवा और मंदिर की पूजा-पद्धति सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए विशेष प्रार्थना की। महंत सीताराम दास ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राम मंदिर की धार्मिक परंपराएं रामानंदी वैष्णव परंपरा के अनुरूप निरंतर संचालित होती रहें।
महंत सीताराम दास ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन से लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुभव, समर्पण और लंबे योगदान को देखते हुए उन्हें एक बार फिर ट्रस्ट में जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज को पूरा विश्वास है कि भगवान हनुमान की कृपा से चंपत राय की पुनर्नियुक्ति होगी।
संतों ने ट्रस्ट में होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर भी अपनी मांग रखी। उनका कहना है कि अयोध्या की रामानंदी वैष्णव परंपरा से जुड़े संतों को ट्रस्ट में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं का संचालन उसी परंपरा के अनुरूप होता रहे।
महंत सीताराम दास ने कहा कि उनकी प्रार्थना केवल किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि इस बात के लिए भी है कि ट्रस्ट की बैठक में सभी सदस्य शांत और निष्पक्ष मन से निर्णय लें। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान हनुमान के आशीर्वाद से चंपत राय को दोबारा जिम्मेदारी मिलेगी।
महंत सीताराम दास ने स्पष्ट किया कि यदि चंपत राय को दोबारा ट्रस्ट में स्थान नहीं मिलता है तो संत समाज इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से दोनों नेताओं से अनुरोध किया जाएगा कि राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट के विकास में चंपत राय के योगदान को देखते हुए उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी जाए।
बुधवार को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक और प्रशासनिक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में संत समाज की ओर से की गई यह विशेष पूजा और चंपत राय के समर्थन में उठी मांग ने बैठक से पहले अयोध्या का राजनीतिक और धार्मिक माहौल और गर्म कर दिया है।