
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। इस बड़े और संवेदनशील विवाद पर अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक माता प्रसाद पांडेय ने भी अपना रुख साफ करते हुए बेबाक प्रतिक्रिया दी है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर सवाल उठाते हुए माता प्रसाद पांडेय ने बेहद तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा कि हम सीधा सवाल पूछते हैं कि अगर राम मंदिर के चंदे का पैसा चोरी हो गया है तो क्या जिन लोगों ने मंदिर निर्माण में चंदा नहीं दिया है वे इस मुद्दे पर अपनी आवाज नहीं उठा सकते। नेता प्रतिपक्ष ने बड़ा आरोप लगाते हुए साफ कहा कि मंदिर में हुई यह भारी चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं की है बल्कि इसके पीछे व्यवस्था से जुड़े लोगों की ही मिलीभगत है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने सत्ता पक्ष और मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे लोगों पर निशाना साधते हुए आस्था का भी प्रमुखता से जिक्र किया। माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर जिस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण चीजें सामने आ रही हैं और भ्रष्टाचार हो रहा है उससे भगवान श्री राम भी इन लोगों से सख्त नाराज हैं। उनका यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी का मामला पूरे देश में गर्माया हुआ है और पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सवाल उठाया है कि क्या कभी किसी ने दान में दिया हुआ पैसा वापस मांगा है। अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका पैसा चोरी हो गया है और वह इसे वापस चाहता है तो ट्रस्ट वह पैसा लौटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सतीश महाना ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भी भगवान के चरणों में एक छोटी सी राशि अर्पित की है और उन्हें गर्व है कि उनका यह योगदान भव्य राम मंदिर का हिस्सा है। चंदा चोरी के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार और मंदिर ट्रस्ट इस मामले में पूरी गंभीरता से सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। इस हेराफेरी में शामिल व्यक्ति चाहे कितने भी ऊंचे या निचले पद पर क्यों न बैठा हो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।