अयोध्या

राम मंदिर दान घोटाले पर मंत्री सूर्य प्रताप का बड़ा बयान, बोले- यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला जरूरत पड़ी तो सरकार भी करेगी जांच

Ayodhya News: राम मंदिर के दान में गबन के आरोपों पर यूपी के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और इसकी जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने भक्तों को भरोसा दिया है कि किसी की आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा और जरूरत पड़ने पर सरकार भी सख्त कार्रवाई करेगी।
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Updated: 12 Jun 2026, 5:47 PM IST
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राम मंदिर दान विवाद पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही का बयान (फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation : राम मंदिर निर्माण के लिए आए दान में गबन और गड़बड़ी के आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने एक बड़ा और अहम बयान दिया है। मंत्री ने साफ किया है कि यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पूरी तरह से आंतरिक मामला है और अभी ट्रस्ट खुद इस प्रकरण की बहुत गंभीरता से जांच-पड़ताल कर रहा है।

आस्था के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़

कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश और दुनिया के करोड़ों राम-भक्तों की आस्था के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारी खुद इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह से सजग और सतर्क हैं। दान की रकम या व्यवस्था में अगर कहीं कोई कमी या अनियमितता पाई जाती है तो ट्रस्ट उसकी तह तक जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद जो भी उचित और आवश्यक कानूनी कार्रवाई होगी वह जरूर की जाएगी।

ट्रस्ट मदद मांगेगा तो सरकार करेगी सीधी कार्रवाई

कैबिनेट मंत्री ने इस मामले में राज्य सरकार का रुख भी बिल्कुल साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह ट्रस्ट का अपना आंतरिक मामला है और उनके स्तर पर जांच चल रही है। लेकिन अगर इस जांच प्रक्रिया में ट्रस्ट को उत्तर प्रदेश सरकार से किसी भी तरह के दखल या मदद की अपेक्षा होगी तो सरकार बिल्कुल पीछे नहीं हटेगी। सरकार तुरंत उस काम को आगे बढ़ाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएगी।

यह है पूरा मामला

राम मंदिर दान विवाद पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सफाई देते हुए कहा कि SBI की निगरानी में नियमित वित्तीय ऑडिट चल रहा है। अभी तक कोई बड़ी गड़बड़ी या अनियमितता सामने नहीं आई है। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा इस मामले में न्यायिक दखल की मांग उठाने के बाद ट्रस्ट ने अपना यह स्पष्टीकरण जारी किया था। आपको बता दें कि इससे पहले भी साल 2021 में भी राम मंदिर की जमीन खरीद में कथित घोटाले को लेकर पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

Updated on:
12 Jun 2026, 5:47 PM IST
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