
CM Yogi Adityanath Targets Opposition: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या जनपद के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आस्था, राम मंदिर और अयोध्या के विकास के मुद्दों पर घेरते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व और मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, वे आज आस्था का दिखावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या को केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने पूर्व मंत्री स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण किया तथा अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का वास्तविक श्रेय क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधियों को जाता है, जिन्होंने विकास की सोच को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों की नीयत साफ होती है और वे विकास के प्रति समर्पित रहते हैं तो परिणाम स्वतः दिखाई देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि बीकापुर की जनता ने एक सक्रिय विधायक का चुनाव किया, जिसका परिणाम आज क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज अयोध्या विश्वस्तर पर अपनी नई पहचान बना रही है, उसी प्रकार बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज और रुदौली जैसे क्षेत्रों में भी विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की विकास नीति का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब अयोध्या मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही थी। सड़क, बिजली, पानी और यातायात जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव था। श्रद्धालुओं को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और अयोध्या आधुनिक सुविधाओं से युक्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मां सरयू के घाटों का व्यापक विकास किया गया है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ है। सूरजकुंड का पुनरुद्धार किया गया है तथा भरतकुंड के विकास का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने लोगों से परिवार सहित इन स्थलों का भ्रमण करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के अनुरूप अयोध्या आज सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कें, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत संरचना इसे देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि राम की पैड़ी, सरयू आरती, भक्ति पथ, धर्म पथ, राम पथ और जन्मभूमि पथ आज अयोध्या की नई पहचान बन चुके हैं। एयर, रेल और सड़क संपर्क के विस्तार से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक इस मुद्दे पर बाधाएं उत्पन्न की गईं और भगवान श्रीराम के अस्तित्व तक पर प्रश्न उठाए गए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ और आज देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी कहते थे कि अयोध्या में "परिंदा भी पर नहीं मार सकता", वे आज लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखकर स्वयं परिवर्तन का अनुभव कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब विकास और विरासत के अद्भुत संगम का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कानून-व्यवस्था और अव्यवस्था को लेकर होती थी, लेकिन आज प्रदेश के नागरिकों को देश और दुनिया में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश की नई छवि स्थापित हुई है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि खराब मौसम के कारण लोगों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन अयोध्या की जनता ने विपरीत परिस्थितियों में भी कार्यक्रम में पहुंचकर यह साबित कर दिया कि चुनौतियों से संघर्ष करना इस पवित्र नगरी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनता का यह उत्साह सरकार को और अधिक समर्पण के साथ विकास कार्य करने की प्रेरणा देता है।