आजमगढ़

आजमगढ़ के अस्पताल में बदला गया बच्चा! भर्ती था बेटा और थमा दी बेटी, परिजनों को दी जेल भेजने की धमकी

Azamgarh news : आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल पर बच्चा बदलने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि एक शख्स ने अस्पताल में बेटे को भर्ती कराया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक बेटी है।
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May 28, 2026
Azamgarh baby exchange
AI image (chatgpt)

Azamgarh crime news: आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल पर बच्चा बदलने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि एक शख्स ने अस्पताल में बेटे को भर्ती कराया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक बेटी है। परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले को लेकर हंगामा करना शुरू किया गया तो अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवार को ही झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दे दी। हालांकि, बाद में बच्चा ढूंढ कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

बच्चे का डायपर बदलने के दौरान परिजनों पता चला

जानकारी के मुताबिक, 12 मई को कमलेश वर्मा ने अपने बेटे को इलाज के लिए आजमगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि जब उनकी पत्नी बेटे को दूध पिलाने के लिए अस्पताल में पहुंची और इस दौरान जब डायपर चेंज किया तो पता चला कि वह लड़का नहीं बल्कि एक लड़की है। उसके बाद परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनके बेटे को बेच दिया और उन्हें बेटी सौंप दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरा की जांच की। इसके साथ ही डॉक्यूमेंट भी मांगे गए, जिससे पता चला कि पीड़ित परिवार बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचा था। जांच में पता चला कि बच्चा करवा थाना क्षेत्र के रासेपुर बॉन्गरिया के कंचनपुर में एक परिवार के पास गलती से चला गया था। इसके बाद पीड़ित परिवार को उनका बच्चा सौंप दिया गया। हालांकि, परिवार ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है।

आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैसे लेने का आरोप

कमलेश के दोस्त ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन अपनी नाकामी को छुपाने के लिए परिवार को धमकी दी है कि फर्जी मुकदमे में उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था और वे दूसरे बच्चे के इलाज के लिए पैसे दे रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 80 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं और आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी 520 रुपया प्रतिदिन इलाज के नाम पर लिया जा रहा था। वहीं, कमलेश ने बताया कि वह गरीब हैं और पाई पाई जोड़कर अपने बच्चों का इलाज कर रहे थे।

Updated on:
28 May 2026 03:36 pm
Published on:
28 May 2026 03:36 pm