
आजमगढ़ कभी सपा का गढ़ कहा जाता था। वर्ष 2022 के लोकसभा चुनाव में सपाम मुखिया अखिलेश यादव के भाई धर्मेद्र यादव चुनाव हार गए। अब बीजेपी जहां सपा का किला ढ़हाने का दावा कर रही है वहीं सरकार भी जिले पर मेहरबान हो गई है। सीएम योगी ने जिले को जहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एटीएस यूनिट का तोहफा दिया था। वहीं अब सांसद निरहुआ के प्रस्ताव पर सड़क निर्माण के लिए एक माह में तीन बार बजट जारी किया है। अबकी बार 2425 लाख रुपये से 144 किमी सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ है।
उपचुनाव में जीत के बाद गंभीर हुई सरकार
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव 2022 में जीत के बाद सरकार बदहाल सड़कों को लेकर गंभीर हुई है। यही कारण है कि नौ नवंबर से अब तक तीन बार जिले में सड़कों की सौगात मिल चुकी है। निर्माण कार्य भी जमीन पर दिखने लगा है।
मां की डांट के बाद निरहुआ ने की थी सीएम से बात
उपचुनाव के बाद निरहुआ की मां आजमगढ़ आई थी। उस समय सड़की की बदतर स्थिति पर उन्होंने सांसद को सरेआम खरी खोटी सुनाई थी। इसके बाद निरहुआ ने दिनेश लाल यादव निरहुआ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोकनिर्माण मंत्री जितिन प्रसाद से मिलकर सड़कों की बदहाली की बात कही थी।
सरकार ने 09 नवंबर 2022 को जारी किया था 3123 लाख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौ नवंबर को आजमगढ़ की बदहाल सड़कों की मरम्मत के लिए 3123 लाख रूपए जारी किया था। इसके बाद बीजेपी नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू ने सीएम से मिलकर सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया था। सरकार ने 16 नवंबर को फिर 30.82 किलोमीटर सड़क की सौगात दी थी। 1846.45 लाख की लागत से बनने वाली 21 सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
इसके बाद 19 बदहाल सड़कों की मरम्मत लिए सरकार द्वारा दोबारा 3123 लाख रुपये स्वीकृत किया है। इस बजट से जिले की 144 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मरम्मत होगी।