छपरौली में कपड़ा व्यापारी से बीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा सर्विलांस की मदद से पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
बागपत. छपरौली में कपड़ा व्यापारी से बीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। बताया गया है कि आरोपी खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने व्यापारी से रंगदारी मांगनी की योजना बनाई, लेकिन वह अपने मंसूबों में कामयाब होते इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल फोन मय सिमकार्ड बरामद किया है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दरअसल, छपरौली कस्बे के कपड़ा व्यापारी राकेश पुत्र शिवचरण के पास एक युवक ने फोन कर 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। उसके बाद 29 मई को दोबारा से व्यापारी के पास उसी नंबर से फोन आया और व्यापारी को पुलिस से शिकायत करने पर उसके बेटे की हत्या करने की धमकी दी गई। जब शनिवार को इस मामले में पीडि़त व्यापारी ने छपरौली थाने में तहरीर दी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर नंबर को सर्विलांस पर लगाते हुए जांच शुरू कर दी। रविवार को सर्विलांस की मदद से इस मामले में छपरौली पुलिस ने गोविंद पुत्र अशोक, नूर मौहम्मद पुत्र नौशाद व गौतम पुत्र रणवीर निवासी कुर्डी व योगेश पुत्र ब्रजपाल निवासी नांगल को गिरफ्तार कर लिया।
आवाज बदलकर किया था व्यापारी को फोन
पूछताछ में आरोपी गोविंद ने बताया कि वह दो वर्ष पूर्व व्यापारी की दुकान पर काम करता था। जहां व्यापारी ने उसे लड़की के झूठे केस में फंसा दिया था। उसके बाद उसने काम करना छोड़ दिया था। आरोपी ने बताया कि तभी से वह अपने घर पर बैठा हुआ है। उसने अपना अलग बिजनेस करने के लिए तीन साथियों के साथ व्यापारी से रंगदारी मांगने की योजना बनाई। उसने बताया कि योजना के तहत नूर मोहम्मद ने दो सिम खरीदे तथा योगेश ने अपनी आवाज में व्यापारी को फोन कर बेटे की हत्या की धमकी देते हुए 20 लाख रुपये मांगे। पुलिस ने आरोपियों से रंगदारी में प्रयुक्त मोबाइल फोन मय सिमकार्ड भी बरामद कर लिया है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
शराब पीकर किया था व्यापारी को फोन
पूछताछ में आरोपी योगेश ने बताया कि उन्होंने शराब पीकर व्यापारी को फोन किया था। उसने खुद को ट्रक चालक बताया। इसके अलावा गौतम भी चालक ही है तथा नूर मोहम्मद छपरौली में ही एक विद्यालय से कक्षा 9 की पढ़ाई कर रहा है। जबकि गोविंद व्यापारी की दुकान पर ही काम करता था। बताया गया कि उन्होंने रंगदारी मांगने से पहले टांडा के पास इस्सोपुर टीले गांव के जंगल में शराब पी थी। उन्हें अब इस घटना का बेहद पछतावा है।
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