
बागपत। विकास भवन सभागार में बुधवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने महिला उत्पीड़न की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बागपत कोतवाली प्रभारी और दरोगा को कड़ी फटकार लगाई। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि वह गैंगरेप पीड़िता को न्याय देने के बजाय अपराधी को गाड़ी में लेकर घूमते हैं। इतना ही नहीं मामले को बंद तक कर दिया गया। इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। यदि जल्द ही महिला को न्याय नहीं मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को महिलाओं को न्याय दिलाने के आदेश दिए।
विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने ली बैठक
विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि महिलाओं का उत्पीड़न रोकने व उनको न्याय दिलाने के लिए आयोग काफी गंभीर है। उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए वह समय-समय पर जनपदों में बैठक करती हैं। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी के पास पहुंचने वाले बच्चों की पूरी पैरवी करें, क्योंकि दूसरे जनपदों में फर्जी प्रकरण मिल रहे हैं। महिला सुनवाई के दौरान उन्होंने जांच अधिकारी से फोन पर जानकारी ली। संस्थाओं की भी जांच करने के लिए निर्देशित किया।
गैंगरेप मामले में लगाई फटकार
शहर की एक महिला के साथ गैंगरेप मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा ठीक से कार्रवाई नहीं करने पर कोतवाली प्रभारी व दरोगा को उन्होंने तलब किया। उन्होंने कोतवाल व दरोगा को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि किस आधार महिला को न्याय नहीं दिया गया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वह अपराधी को गाड़ी में लेकर घूमते हैं तो फिर कैसे गैंगरेप पीड़िता को न्याय देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही महिला को न्याय नहीं दिया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमेें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
ये भी रहे मौजूद
वहीं संबंधित थानाध्यक्ष को भी उन्होंनेे महिलाओं को न्याय देने के आदेश दिए। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, डीडीओ हुब लाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल कुमार ढाका, कोतवाल शिवप्रकाश सिंह, डीपीओ वीना बजाज, दीपाजंलि, ममता शर्मा, रश्मि सिंह मौजूद रहे।