बालाघाट

बाबा को मरते हुए देखने के लिए पहुंचे हजारों लोग, तय समय पर नहीं निकले प्राण तो गरम हो गए लोग

मध्यप्रदेश में एक ढोंगी संत ऐलान किया कि मैं निर्धारित समय पर प्राण त्यागूंगा। बाबा को मरते हुए देखने के लिए हजारों लोग पहुंच गए। जब ऐसा नहीं हुआ तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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Jun 25, 2019
balaghat saint
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बालाघाट.मध्यप्रदेश ( madhya pradesh news )में बाबाओं का खूब बोलबाला है। बाबा लोगों से आस्था के नाम पर खिलवाड़ करते हैं। मध्यप्रदेश के बालाघाट ( balaghat saint ) में भी एक बाबा समाधि ( declares death ) लेने के नाम पर खूब तमाशा किया। तय समय के अनुसार कबीर पंत के संत सुबोध दास उर्फ मंगल दास ने जब प्राण ( samadhi ) नहीं त्यागे तो लोगों ने खूब हूटिंग की।

दरअसल, संत सुबोध दास उर्फ मंगल दास ने ऐलान किया था कि मैं मंगलवार को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर प्राण त्यागने का ऐलान किया था। यह खबर में जंगल में आग की तरह फैल गई। इसे देखने के लिए आसपास के गांवों से हजारों लोग जमा हो गए। बाबा निर्धारित समय से पहले ही समाधि पर बैठ गए।


दिल थाम के देख रहे थे लोग
बाबा के ऐलान के बाद बालाघाट स्थित हट्टा के डुंडा सिवनी में हजारों लोग पहुंच गए थे। सभी दिल थामकर बाबा को मरते हुए देखने के लिए एक पैर खड़े थे। लेकिन 10 बजकर 15 मिनट हो जाने पर जब बाबा ने प्राण नहीं त्यागे तो लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे। स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।

ढोंगी बाबा
सुबोध दास उर्फ मंगल दास की इस घोषणा पर लोग हत्थे उखड़ गए थे। बाबा ने प्राण नहीं त्यागे तो लोगों ने भीड़ से नारेबाजी शुरू कर दी। यह बाबा ढोंगी है। इसके बाद कुछ लोगों ने बाबा के ऊपर पत्थर भी फेंकने शुरू कर दिए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया। उसके बाद वहां से बाबा को निकाला गया। इस दौरान पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा।

कौन है ये बाबा
समाधि लेने की बात करने वाले बाबा का पूरा नाम सुबोधदास उर्फ मंगलदास है। पिता छोटू दास है। इनका पता कबीर आश्रम 126 लोधीखेड़ा तपस्वी बाबा आश्रम सौंसर है। ये छिंदवाड़ा जिले के निवासी हैं। यह 10 जून से बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र के ग्राम डूंडासिवनी में सत्संग के लिए आया हुआ था।

मिर्ची बाबा ने भी किया था ऐलान
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के समर्थन में भी मिर्ची बाबा ने समाधि लेने की बात कही थी। दिग्विजय सिंह के चुनाव हार के महीने बाद मिर्ची बाबा ने भोपाल के कलेक्टर से जल समाधि के लिए अनुमति मांगी। लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी तो उन्होंने भी खूब ड्रामा किया।

Published on:
25 Jun 2019 07:22 pm