
Tiger Attack :मध्य प्रदेश के दक्षिण वन मंडल बालाघाट सामान्य के वन परिक्षेत्र खैरलांजी अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरगपुर के ग्राम पांढरवानी के सतीटोला में बाघ के हमले से सनसनी फैल गई। गांव से लगे जंगल में मवेशी चराने गए किसान 50 वर्षीय देवकराम पिता श्यामलाल बाघमारे की बाघ के हमले से मौत हो गई। साथ ही, घटनास्थल के पास एक गाय और उसका बछड़ा भी मृत अवस्था में मिले हैं। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
बता दें की इसके पूर्व कान्हा नेशनल पार्क से सटे ग्राम पर्रापुर में बाघ नें एक महिला पर हमला किया था, महिला की मौत हो चुकी है। ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि, अब दूसरी घटना सामने आ गई है। सोमवार को मौके कटंगी एसडीओ यशपाल मेहरा, खैरलांजी वन परिक्षेत्र अधिकारी डीसी वासनिक समेत तिरोड़ी थाना पुलिस पहुंची। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पांढरवानी निवासी देवकराम वाघमारे खेती-किसानी का कार्य करते थे। रविवार को वे एक गाय और उसके बछड़े को चराने के लिए गांव से लगे जंगल की ओर गए थे। रात होने तक जब वो घर नहीं लौटे तो परिजन ने उनकी तलाश शुरू की। परिजन देर रात तक आसपास के क्षेत्र में खोजबीन करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। सोमवार 10 अगस्त की सुबह परिजन और ग्रामीण एक बार फिर देवकराम की तलाश में जंगल की ओर गए। गांव के मोक्षधाम घाट से लगे घने जंगल में अंदर जाने पर उन्हें एक गाय और उसका बछड़ा मृत अवस्था में दिखाई दिया। वहीं पास में देवकराम भी खून से लथपथ लाश पड़ी मिली।
वहीं, घटनास्थल के पास बाघ के पंजों के निशान और हमले के चिन्ह भी नजर आ रहे थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने बाघ के हमले की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि आशंका है कि, बाघ ने पहले गाय और बछड़े पर हमला किया होगा। मवेशियों को बचाने के लिए देवकराम उनके पास पहुंचे होंगे, इसी दौरान बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मिरगपुर सरपंच दीपक देशमुख मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग का अमला घटनास्थल पर पहुंचा और तिरोड़ी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी हैं। ग्रामीणों ने शासन - प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, मामले को लेकर सरपंच दीपक देशमुख ने बताया कि, देवकराम मवेशी को चराने जंगल गए थे। घर लौटने के निर्धारित समय तक जब वो घर नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू की गई। सुबह उनका शव जंगल में पाया गया और दो गाय भी मृत पाई गई, जिन्हें बाघ ने हमला कर मार दिया है। वन विभाग ने तत्काल मृतक के परिजन को 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि दी है, वहीं 24 घंटे के भीतर 8 लाख का मुआवजा राशि और एक माह के भीतर शासन द्वारा जारी 17 लाख की राशि प्रदान की जाएगी।
वहीं, दूसरी तरफ तिरोड़ी पुलिस ने शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए कटंगी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया है। इधर, घटना के बाद वन विभाग ने भी गश्त बढ़ा दिया है। साथ ही, ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने की अपील की है। फिलहाल, घटना के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।