Suvendu Adhikari PA murder case : शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड में बड़ा मोड़; CBI ने कोर्ट में माना- बंगाल पुलिस ने गलत आदमी को पकड़ा था। बलिया के राज सिंह को मिली कोर्ट से रिहाई।
बलिया(Suvendu Adhikari PA murder case) : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई को मध्यमग्राम (बारासात) में गोली मारकर की गई हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने मंगलवार को बारासात अदालत में याचिका दायर कर बलिया निवासी राज सिंह की रिहाई की मांग की। एजेंसी ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अदालत ने याचिका स्वीकार कर राज सिंह को रिहा करने का आदेश दे दिया।
राज सिंह को हत्या के पांच दिन बाद 11 मई को अयोध्या से पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (STF) ने गिरफ्तार किया था। बाद में मामला CBI को ट्रांसफर कर दिया गया।
सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि राज सिंह हत्या के दिन (6 मई) घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। वह उस समय उत्तर प्रदेश में था। परिवार ने मजबूत एलिबाई पेश किया।
राज सिंह 7 मई को बलिया के आनंद नगर निवासी एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था। शादी में भाग लेने के बाद वह गेस्ट हाउस में रुका। अगली सुबह परिवार अंबेडकर नगर गया, मखदूम अशरफ बाबा के मंदिर में दर्शन किए और फिर अयोध्या पहुंचा। अयोध्या में खाना खाने के बाद जब वे निकल रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोककर राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
परिवार ने CCTV फुटेज, गेस्ट हाउस के बिल और अन्य सबूत पेश किए, जिन्हें UP पुलिस और STF ने भी सही पाया। राज सिंह की बहन दीपशिखा सिंह (वकील) ने सबूत सार्वजनिक किए।
CBI ने गलती सुधारते हुए अब असली आरोपियों पर फोकस कर लिया है। विनय राय उर्फ पमपम- गाजीपुर (देवरिया गांव) का निवासी, 19 मई को वाराणसी से गिरफ्तार। ट्रक ट्रांसपोर्ट कारोबारी, लंबा आपराधिक इतिहास (हत्या, गैंगस्टर एक्ट आदि)।राजकुमार सिंह, बलिया के रत्तोपुर गांव का निवासी, मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से हरिद्वार से लौटते समय गिरफ्तार। CBI इसे मुख्य शूटर मान रही है। पहले गिरफ्तार अन्य आरोपी, मयंक मिश्रा, विक्की मौर्य आदि।
CBI का कहना है कि यह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी) है। मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड अभी फरार हैं। एजेंसी पैसे के लेन-देन (UPI ट्रेल), नेटवर्क और राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रही है।
चंद्रनाथ रथ, पूर्व एयरफोर्स कर्मी और शुभेंदु अधिकारी के विश्वस्त सहयोगी, 6 मई की रात अपनी कार में गोली लगने से घायल हुए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। यह घटना बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के ठीक बाद और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले हुई थी, जिससे इसे राजनीतिक हत्या माना जा रहा है।