
low Rainfall in Balod: बालोद में सावन महीना आधा बीत चुका है, लेकिन जिले में अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं हुई है। बारिश कम होने से किसान चिंतित हैं। बारिश की कामना को लेकर जिले के कई गांवों में अब धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। ग्राम मटिया में भी अखंड रामायण का पाठ किया गया। रविवार को हवन-पूजन कर अखंड रामायण पाठ का समापन किया गया। ग्रामीणों ने भगवान से अच्छी बारिश की प्रार्थना की।
खंड वर्षा जैसी स्थिति बनी हुई है। कहीं अच्छी बारिश हो रही है तो कहीं बारिश बहुत ही कम। जहां कुछ गांवों में नमी है वहीं दूसरे गांवों में खेतों की मिट्टी अब भी प्यासी है। किसानों को अब सावन में एक बार अच्छी बारिश का इंतजार है। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान और रविवार की बारिश से किसानों को उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी और फसल
बच जाएगी।
सावन का आधा महीना बीत गया, लेकिन अच्छी बारिश नहीं हो रही थी। रविवार दोपहर से देर शाम तक जिले में रिमझिम बारिश हुई। इस रिमझिम बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। अभी फसल के लिए एक बार मूसलाधार बारिश की जरूरत है।
सावन का आधा महीना निकलने के बाद रविवार को जिले के कई इलाकों में दोपहर से देर शाम तक रिमझिम बारिश हुई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई। रिमझिम बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। हालांकि किसानों का कहना है कि केवल रिमझिम बारिश से पर्याप्त राहत नहीं मिलेगी। फसल को इस समय एक बार अच्छी और मूसलाधार बारिश की जरूरत है, ताकि खेतों में पर्याप्त पानी और नमी बनी रह सके।
सावन का आधा महीना गुजर चुका है और किसानों की नजर अब महीने के बाकी दिनों में होने वाली बारिश पर है। इस समय खेतों में फसल की स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। एक ओर किसान मौसम की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं, तो दूसरी ओर गांवों में अच्छी बारिश के लिए धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं। अखंड रामायण, हवन-पूजन और सामूहिक प्रार्थना के जरिए ग्रामीण भगवान से बारिश की कामना कर रहे हैं।