
Chhattisgarh Vivekananda Excellence Schools: बालोद जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने जिले के पांचों विकासखंडों में एक-एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों को निजी और शहरी स्कूलों के समकक्ष अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान देना और ग्रामीण प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। शिक्षा विभाग के मुताबिक पांचों स्कूलों में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
योजना के तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड से एक-एक शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल का चयन किया गया है। चयनित स्कूलों को आधुनिक भवनों और संसाधनों से विकसित किया जाएगा। बालोद ब्लॉक में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बघमरा, डौंडी ब्लॉक में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल कुआगोंदी, डौंडीलोहारा ब्लॉक में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मुडख़ुसरा, गुरुर ब्लॉक में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल कंवर, गुंडरदेही ब्लॉक में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल चंदनबिरही उत्कृष्ट विद्यालय बनेंगे।
इन विद्यालयों में पारंपरिक पढ़ाई की जगह पूरी तरह तकनीक आधारित शिक्षण होगा। स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड, ब्लैकबोर्ड-चॉक की जगह स्मार्ट स्क्रीन से पढ़ाई, आधुनिक साइंस और कंप्यूटर लैब, आईसीटी आधारित शिक्षण व्यवस्था, समृद्ध पुस्तकालय और ऑडिटोरियम, इनडोर स्पोर्ट्स डोम, बैडमिंटन हॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड।
जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने कहा इन स्कूलों के शुरू होने से ग्रामीण बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। तकनीक आधारित पढ़ाई से सीखने की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे सरकारी स्कूलों की छवि सुधरेगी, नामांकन बढ़ेगा और गरीब तब के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिलेगा।
उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, भूगोल, गणित, इतिहास, रसायन सहित अन्य विषयों के व्याख्याता, शिक्षक, ग्रंथपाल, व्यायाम शिक्षक, भृत्य, चौकीदार और सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। उम्मीद है कि आगामी शिक्षण सत्र से इन विद्यालयों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।