Chhattisgarh Crime News : देवीनवागांव तांदुला नदी किनारे 23 फरवरी को महिला का शव मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। महिला की मौत स्वभाविक नहीं थी बल्कि उसके पति ने हत्या कर दी थी। पांच दिन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति धर्मेंद्र निषाद पिता गंभीर राम निषाद (41) ग्राम […]
Chhattisgarh Crime News : देवीनवागांव तांदुला नदी किनारे 23 फरवरी को महिला का शव मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। महिला की मौत स्वभाविक नहीं थी बल्कि उसके पति ने हत्या कर दी थी। पांच दिन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति धर्मेंद्र निषाद पिता गंभीर राम निषाद (41) ग्राम देवीनवागांव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। ग्राम देवीनवागांव तांदुला किनारे थाना बालोद क्षेत्र में महिला का शव की सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित रखा। सभी दलों के आने के बाद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की राय के बाद हत्या का मामला प्रतीत होने लगा। धारा 103 बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया। मामले को सुलझाने एसपी योगेश पटेल ने टीम गठित की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि एसडीओपी बालोद बोनीफास एक्का के नेतृत्व में साइबर सेल व थाना बालोद की विशेष टीम गठित की गई। महिला के शव की परिजनों ने सावित्री निषाद के रूप में पहचान की। टीम ने गांव में कई दिनों तक कैम्प कर हर पहलू का एनालिसिस किया।
यह भी पढ़ें :
मुखबिर से पता चला कि कुछ सालों से महिला मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। घरेलू कार्य नहीं करती थी और बिना बताए मायके दुर्ग चली जाती थी। घटना के एक दो दिन पहले ही अपने ससुराल देवीनवागांव आई थी। टीम ने पति धर्मेंद्र निषाद पर शक होने पर पूछताछ की। वह गोल मोल जवाब दे रहा था। तकनीकी व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य के आधार पर दोबारा पूछताछ करने पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी सावित्री निषाद कुछ दिनों से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। बिना बताए अपने मायके चले जाती थी। घर का काम जैसे कपड़ा धोना, खाना बनाना घरेलू काम नहीं करती थी। घटना के दिन भी उसने सुबह कपड़ा नहीं धोई, खाना भी नहीं बनाया। छोटी बेटी बिना खाए स्कूल चली गई, बड़ी बेटी घर में थी। मां भी बिना खाए मीटिंग में चली गई। वह गांव के छठी कार्यक्रम से लौटा पत्नी घर में नहीं थी।
यह भी पढ़ें :
आरोपी ने बताया कि इस कारण वह आक्रोश में था। उसे ढंूढने गांव की तरफ गया। नहीं मिलने पर तांदुला नदी जहां महिलाएं शौच के लिए जाती हैं, उस ओर गया और पुरानी साड़ी को हत्या की नीयत से उठाकर रस्सीनुमा बनाया। पत्नी को देखा तो गुस्से में उसे पटक दिया और साड़ी को गले में कई बार लपेट कर हत्या कर दी। पत्नी के स्कार्फ को सिर एवं गला में लपेट कर ढंक दिया, जिससे लोग समझें कि गिरने से स्कार्फ फंसने से मृत्यु हुई है। उसके बाद खेत के रास्ते से घर आ गया।
यह भी पढ़ें :
कत्ल की गुत्थी सलझाने व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइेबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, दुर्योधन यादव, भुनेश्वर मरकाम, विवेक शाही, रूमलाल चुरेंद्र, आरक्षक भोपसिंह साहू, राहुल मनहरे, विपिन गुप्ता, आकाश दुबे, पूरन देवांगन, संदीप यादव, आकाश सोनी, गुलझारी साहू आदि का योगदान रहा।