CM angry on officer: सुशासन तिहार के बीच सीएम विष्णु देव साय की बलरामपुर में समीक्षा बैठक दिखे कड़े तेवर, कहा- बारिश से पहले एक भी ऐसी सडक़ न हो जिससे लोगों को हो दिक्कत, ध्यान दो, वरना ठीक नहीं होगा
बलरामपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM angry on officer) रविवार को बलरामपुर दौरे पर थे। उन्होंने सुशासन तिहार के तहत विभागों की समीक्षा बैठक ली। इसमें जब पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी सडक़ मरम्मत की सही जानकारी नहीं दे पाए, तो मुख्यमंत्री ने सीधे कहा- मीटिंग से निकलो, बाहर जाओ, अपने सचिव से बात करो और सही जानकारी लेकर आओ। सीएम के ये कड़े तेवर देख कमरे में सन्नाटा छा गया।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि हम सब जनता के सेवक हैं। हम सभी को अपने कार्यालय को सेवा तीर्थ समझना है और आम जनता की सेवा (CM angry on officer) करने का मंदिर है। उन्होंने बैठक में साफ कहा कि सरकार का विकास सडक़ से दिखता है।
पीडब्ल्यूडी की सडक़ मरम्मत में देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी (CM angry on officer) जताई और निर्देश दिया कि मानसून आने से पहले सभी सडक़ों की मरम्मत पूरी हो। उन्होंने कहा कि आबादी क्षेत्रों की सडक़ों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि-ध्यान दो, नहीं तो ठीक नहीं होगा।
मुख्यमंत्री (CM angry on officer) ने जिला खनिज निधि के दुरुपयोग पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की 70 फीसदी राशि खदान के पास के गांवों पर खर्च होनी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इसे खर्च करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।
सीएम (CM angry on officer) ने आम नागरिकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पूरे राज्य के राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। सभी भूमि खंडों के खसरा-नक्शे डिजिटल प्रामाणिक हस्ताक्षर सहित सीधे लोगों को वितरित किए जाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्प लाइन सेवा जल्द शुरू होगी, जिसमें टोल फ्री नंबर पर समस्या दर्ज कराई जा सकेगी। उन्होंने कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व मामले समय-सीमा में निपटाएं, आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री (CM angry on officer) ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी नागरिक पेयजल के लिए न भटके। जहां साधन नहीं हैं वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जाए। गर्मी और बारिश के बीच मौसमी बीमारियों से निपटने की अग्रिम तैयारी करने को कहा। साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि धानए बीज और खाद की कमी को लेकर किसानों से कोई शिकायत न आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत व सीख देते हुए कहा कि हम सभी लोग जनता का सम्मान करें, उन्हें इज्जत दें, धैर्य से सुनें और उनका काम समय पर पूरा करें। साथ ही कलेक्टरों को भी निर्देश (CM angry on officer) दिए गए कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का नियमित मूल्यांकन करें और जरूरत पडऩे पर कठोर कार्रवाई से न हिचकें।