
राजपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक (Suspicious death of Constable) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शुक्रवार की रात ड्यूटी करने के बाद थाने के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में वह सोने चला गया था। बताया जा रहा है कि तडक़े 4 बजे उसने ड्राइवर से पानी भी मंगाया था। सुबह 10 बजे तक वह जब बाहर नहीं आया तो साथी पुलिसकर्मी कमरे में पहुंचे। यहां देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। आरक्षक की मौत (Constable died) कैसे हुई? इसका पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। हालांकि वह कुछ दिनों से बुखार व पीलिया से पीडि़त था, जिसका इलाज चल रहा था।
राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भफौली निवासी आरक्षक जुगन साय पैकरा पिता करम साय पैकरा 40 वर्ष हर दिन की तरह शुक्रवार को ड्यूटी कर थाना के ऊपर बने रूम में सोने चला गया। अलसुबह करीब 4 बजे उसने अपने साथी वाहन चालक आरक्षक दिलीप यादव को फोन कर पीने के लिए पानी मंगाया। आरक्षक दिलीप बोतल में पानी देकर चला गया।
सुबह जब 10 बजे तक वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो राजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल पैकरा आवाज लगाते उसके रूम में पहुंचा तो देखा कि आरक्षक जुगन पैकरा अपने बिस्तर में सोया हुआ है। उसने जब पास आकर उठाने की कोशिश की उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, उसकी मौत (Constable died in police station) हो गई थी।
इसके बाद उसने थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह और अन्य पुलिसकर्मी कमरे में पहुंचे। आरक्षक की मौत किन कारणों से हुई है, यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरक्षक की अचानक हुई इस मौत से उनके परिजनों और साथी पुलिसकर्मियों में गहरा सदमा है।
थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि जुगन साय वर्ष 2024 सितंबर से राजपुर थाना में पदस्थ था। वह कुछ दिनों से बुखार व पीलिया का इलाज करवा रहा था। मौत (Suspicious death) किन कारणों से हुई, यह पीएम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा। वहीं बताया जा रहा है कि इलाज के बाद वह ठीक होकर ड्यूटी पर लौटा था। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इधर आरक्षक की मौत की खबर पर उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।