
बलरामपुर। जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर स्थित चनान नदी (Chanan river) पर करीब 20 वर्ष पहले निर्मित पुल इन दिनों लोगों के लिए परेशानी और खतरे का सबब बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग की कथित अनदेखी के चलते पुल जर्जर हालत में पहुंच चुका है। बारिश के दौरान पुल पर 2 फीट से अधिक पानी जमा होने के कारण आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। बावजूद इसके अब तक पानी निकासी और पुल की मरम्मत को लेकर ठोस पहल नहीं की गई है। इस वर्ष पूरे बरसात के मौसम में हुई झमाझम बारिश के दौरान चनान नदी के इस पुल से गुजरना लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा। पानी जमा होने के कारण रेलिंग पर चढक़र स्कूली बच्चे (School students) पुल पार करते नजर आए।
शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद पुल पर करीब दो फीट पानी जमा हो गया। पानी का बहाव और जमाव इतना अधिक था कि बाइक सवारों को पुल पार करने में काफी परेशानी हुई। एक बाइक सवार ने पानी के बीच से निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुल के बीच में ही उसकी बाइक बंद हो गई। काफी मशक्कत के बाद उसे वहां से निकलना पड़ा। पुल पर पानी जमा (Water store on bridge) होने से केवल दोपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद महतारी एक्सप्रेस वाहन को भी चालक ने काफी सावधानी और जोखिम उठाकर पुल पार कराया। ऐसे हालात में किसी भी समय वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर पानी भरने की समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग को कई बार शिकायत और पानी निकासी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि पुराने पुल पर तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था की जाए। जर्जर हिस्सों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा बारिश के दौरान (Rainy season) पुल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके।
पुल पर पानी भरने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी पैदल राहगीरों और स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं (School students) को उठानी पड़ रही है। पानी कम होने के इंतजार में कई बच्चे पुल की रेलिंग पर चढक़र आवागमन करते नजर आए। यह स्थिति बेहद खतरनाक है। जरा सा संतुलन बिगडऩे पर बच्चे नदी में गिर सकते हैं। इसके बावजूद मौके पर न तो सुरक्षा के इंतजाम दिखाई देते हैं और न ही विभाग की ओर से पानी निकासी की कोई तत्काल व्यवस्था की गई है।
चनान नदी पर पुराने पुल के समानांतर करीब 20 फीट चौड़े नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संभवत: इसी वजह से पुराने पुल के रख-रखाव और मरम्मत पर विभाग का ध्यान नहीं है। हालांकि जब तक नया पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक पुराने पुल की देखरेख और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।