बलरामपुर

Murder in Illegal Relation: मौसेरी बहन से अवैध संबंध का था शक, पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला, मिली आजीवन कारावास की सजा

Murder in Illegal Relation case: जिला एवं सत्र न्यायालय बलरामपुर-रामानुजगंज ने सुनाया अहम फैसला, हत्या के दोषी पर 500 रुपए अर्थदंड भी लगाया
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Murder in illegal relation
Wife murder case, (Photo- Court demo pic)

शंकरगढ़. अवैध संबंध के शक में पत्नी की सरई के डंडे से पीट-पीटकर हत्या (Wife murder) करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय बलरामपुर-रामानुजगंज ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी एवं निरीक्षक जितेंद्र सोनी द्वारा त्वरित एवं वैज्ञानिक ढंग से पूरी कर समय पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। दरअसल पत्नी को शक था कि उसके पति की मौसेरी बहन से अवैध संबंध है। इस बात को लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था। इसी बीच पति ने 15 सितंबर 2024 को पत्नी को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला था।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के थाना शंकरगढ़ में आरोपी रामेश्वर उर्फ टीरहु पिता रोन्हा निवासी रेखया के विरुद्ध बीएनएस की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना 15 सितंबर 2024 की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम रेखया में एक महिला की हत्या (Husband murdered wife) हो गई है। इस पऱ पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग जांच प्रारंभ की।

Wife murder case, पत्नी की हत्या का दोषी (Photo- Patrika)

मृतका के पिता जंगू राम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी पुत्री रामपतिया को संदेह था कि उसके पति रामेश्वर का अपनी मौसेरी बहन के साथ अवैध संबंध है। इस बात को लेकर रामेश्वर अक्सर रामपतिया को प्रताडि़त करता था। घटना की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने गुस्से में आकर सरई के डंडे से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत (Wife murder in illegal relation) हो गई।

रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरु की। जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सरई का डंडा एवं घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को 16 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

Wife murder: जिला एवं सत्र न्यायाधीश का निर्णय

तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सोनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विवेचना पूर्ण कर 17 अक्टूबर 2024 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। मामले (Murder case) की सुनवाई के बाद 2 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 500 अर्थदंड की सजा सुनाई।

Updated on:
04 Jul 2026 08:49 pm
Published on:
04 Jul 2026 08:44 pm