
मैसूरु. सुमतिनाथ जैन संघ के महावीर भवन में आचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर की निश्रा में आचार्य विजय रामचन्द्र सूरीश्वर की 27वीं स्वर्गारोहण तिथि के अवसर पर तीन दिवसीय देव गुरु भक्ति महोत्सव का आयोजन किया गया। बुधवार को गुणानुवाद सभा हुई। प्रारंभ में ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया।
धर्मसभा में गुणानुवाद करते हुए आचार्य रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी द्वारा स्थापित शासन को हम तक पहुंचाने में अनेक महपुरुषों ने अपने जीवन का बलिदान किया है। निकट भूतकाल में हुए इस महापुरुष का हमारे जीवन पर बड़ा उपकार है। उनके जीवन के गुणगान से हमारे जीवन में भी उनके गुणों को ग्रहण करने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका व्यक्तितव हिमालय से भी विराट था। संघ के ट्रस्टी बाबूलाल, आचार्य शालिभद्र विजय, कुणाल जगदीश आदि ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन अशोक दांतेवाडिय़ा ने किया।
संसार के चक्र को समझना आसान नहीं
चामराजनगर. गुण्डलपेट स्थानक में विराजित साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा कि अगर कोई आत्मा इस छोटे से मानव जीवन को सार्थक करते हुए सफलता की सीढ़ी चढऩा चाहता है तो उसे बुरे कर्मों से दूर रहना होगा। अगर मानव अपने जीवन का दुरुपयोग करता है तो वह लम्बे समय के लिए मनुष्य योनी से छूटकर निकृष्ट योनियों में पहुंच जाता है। साध्वी ने कहा कि संसार बड़ा विचित्र है। इसके चक्र को समझना आसान नहीं है। जो व्यक्ति संसार में धर्म का पालन करता है वह दुख से बच जाता है। संचालन आनंद गन्ना ने किया।
संथारा पूर्वक देवलोक गमन
बेंगलूरु. लाडनूं निवासी और बेंगलूरु प्रवासी पुष्पा देवी का संथारा पूर्वक देवलोक गमन बुधवार को सुबह 5.51 बजे हुआ।
बैकुंठी यात्रा (अंतिम यात्रा) निवास स्थान से रवाना होकर तेरापंथ भवन, गांधीनगर पहुंची जहां साध्वी कंचनप्रभा आदि ठाणा 5, समणी प्रशांत प्रज्ञा, संचित प्रज्ञा द्वारा मंगलपाठ किया गया। उसके पश्चात यात्रा टी.आर. मिल चामराजपेट पहुंची, जहां अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर तेरापंथ सभा बेंगलूरु के उपाध्यक्ष सुशील चौरडिय़ा, मंत्री प्रकाश लोढ़ा, कोषाध्यक्ष अशोक कोठरी, सह मंत्री संजय बांंठिया, सम्पत चावत, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष सुनील बाबेल के अलावा विक्रम दुग्गड़, जितेंद्र घोषाल भी उपस्थित थे।