अहंकार को मारा तो तिर गए
बेंगलूरु. वीवीपुरम संभवनाथ जैन भवन में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में आचार्य जिनसुंदर सूरीश्वर ने अहंकार के बारे में विस्तृत बात रखी। उन्होंने कहा कि मैं सर्वोच्च पद पर अहंकार, मैं सुंदर अहंकार, मेरी बड़ी कोठी, मेरी बड़ी गाड़ी इन सब चीजों का जनक अहंकार है। मैं किसी से कम नहीं हूं, यह अहंकार बोलता है। उन्होंने कहा कि अहम नर से नारायण नहीं बना देगा। यह नरक का द्वार खोल देगा। अहंकार को मारोगे तो तिर जाओगे और अहंकार को मान के बैठोगे तो मर जाओगे।