
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोड़वाड़ भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि के सान्निध्य में रमणीक मुनि ने कहा कि मर्यादा हर धर्म में जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जिसका जीवन धर्म द्वारा अनुशासित है उसके कदम कभी मचलते नहीं है। जैन कौन है- जो जिनोपासक है। जिन कौन है- जीतने वाले को जिन कहते हैं। जिसने अपने मन, वचन, काया, इंद्रियों सभी कर्मों को जीत लिया है वही जैन है। उन्होंने कहा कि जीता भी वही है जो अनुशासन से आत्मा के आंगन में रहता है। मन को गुलाम बनाने वाला कभी झुकता नहीं है, संतोषी वही हो सकता है जो मन के दायरे में से बाहर आया हो।
मुनि ने कहा कि कोई भी शासन बिना अनुशासन के जीवित नहीं रह सकता है। संतों के लिए महाव्रत और श्रावकों के लिए अणुव्रत का शासन जैन धर्म में बताया गया है। पारस मुनि ने मांगलिक प्रदान की। रविंद्र मुनि ने ऋषभ मुनि के मासखमण के तहत 26 वे उपवास तपस्या की अनुमोदना की।
चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि 11 उपवास की तपस्या के पचकान पर पूजा डागा का चिकपेट महिला शाखा की अध्यक्षा रंजना गुलेच्छा, मंत्री पुष्पा बोहरा व सूरजबाई कोठारी ने साड़ी, माला, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। चौमुखी जाप के लाभार्थी सुरेन्द्र मीनाक्षी कर्णावट का रविंद्र मुनि ने जैन दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। जाप में रूप मुनि के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
प्रकाश चंद बाफना ने बताया कि सभा में मुख्य संयोजक रणजीतमल कानंूगा, जालना संघ के अध्यक्ष सुदेश संकलेचा, सिकंदराबाद संघ के अध्यक्ष पारसमल डूंगरवाल, पारसमल डागा, बाबूलाल दक, जैन कॉन्फ्रेंस की महिला प्रदेश अध्यक्ष संतोष बोहरा, विमलादेवी बाफना, रमेश सिसोदिया, हुक्मीचंद कांकरिया, महावीरचंद धारीवाल, महावीर मूथा, अशोक धोका सहित विभिन्न उपनगरों, सिरसा, हैदराबाद व दिल्ली से श्रद्धालू मौजूद रहे।
विनय मुनि को मिली अस्पताल से छुट्टी
बेंगलूरु. भगवान महावीर जैन हॉस्पिटल में उपचार के लिए भर्ती विनय मुनि खींचन को सोमवार को छुट्टी दे दी गई। वे गणेशबाग में विराजित हैं। डॉक्टर ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी है। उनकी फिजियोथैरेपी चल रही है।