
बेंगलूरु। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में लगभग 84 फीसदी मंत्री ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी मंत्री करोड़पति भी हैं और इनमें से 7 अरबपति हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट में कांग्रेस सरकार के मंत्रियों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। एडीआर ने शिवकुमार मंत्रिमंडल में के.जे जॉर्ज को छोडक़र मुख्यमंत्री सहित 32 मंत्रियों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया।
इन विश्लेषणों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में एडीआर ने दावा किया है कि 32 में से 27 मंत्रियों (84 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है। इनमें से 7 मंत्री (22 फीसदी ) गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। मंत्री केजे जॉर्ज का पूरा हलफनामा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। एडीआर के अनुसार एक मंत्री पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है, जबकि एक अन्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ा मामला घोषित किया है।
हालांकि एडीआर ने यह स्पष्ट किया गया है कि ये मामले चुनावी हलफनामों में स्वयं घोषित जानकारी पर आधारित हैं और इनका अर्थ दोषसिद्धि नहीं है। रिपोर्ट में शामिल सभी 32 मंत्रियों ने अपनी देनदारियों का भी खुलासा किया है। सभी 32 मंत्रियों की सूची में स्वयं मुख्यमंत्री शिवकुमार सबसे अमीर हैं। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में 1413.80 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। उनके ऊपर 265.06 करोड़ रुपए की देनदारियां भी हैं, जो मंत्रिमंडल में सबसे अधिक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 32 मंत्रियों की कुल घोषित संपत्ति लगभग 3550 करोड़ रुपए है। प्रति मंत्री औसत घोषित संपत्ति 110.94 करोड़ रुपए है। इनमें सात मंत्री अरबपति हैं। हाल ही मंत्री पद का शपथ लेने वाले मायकोंडा (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र से विधायक के.एस. बसवंतप्पा ने 1.01 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। यह रिपोर्ट में शामिल मंत्रियों में सबसे कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 मंत्री (75 प्रतिशत) स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। सात मंत्रियों ने कक्षा 8 से 12 तक की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि एक मंत्री डिप्लोमा धारक हैं। आयु के आधार पर देखें तो 26 मंत्री (81 फीसदी) की उम्र 51 से 75 वर्ष के बीच है, जबकि छह मंत्री 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हैं। शिवकुमार के 33 सदस्यीय मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं है।